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क्या आप जानते हैं रतन टाटा के कंधे पर हाथ रखने वाला ये जवान लड़का कौन है? किस्मत हो तो ऐसी

रतन टाटा का नाम भारत के महान उद्योगपतियों में से एक में गिना जाता है साथ ही साथ उन्हें भारत के सबसे दयालु और सभ्य व्यक्ति के रूप में भी माना जाता है। रतन टाटा ने 2021 में 28 दिसंबर को अपना 84वां जन्मदिन मनाया। इस दौरान बर्थडे सेलिब्रेट करते हुए उनका एक वीडियो वायरल हो गया है। आइये इस वायरल वीडियो के सच के बारे में जानते हैं।

इस वायरल हुए वीडियो में रतन टाटा एक कुर्सी पर बैठे हुए सामने की टेबल पर छोटा सा कप केक काटते हैं। इसमें वह केक के ऊपर लगी मोमबत्ती को फूंककर बुझाते हैं। तभी उनके पास एक लड़का खड़ा हो जाता है और वह रतन टाटा के कंधे पर हाथ रख देता है। फिर वह उनके पास में ही बैठ जाता है। इसके बाद वह रतन टाटा को केक भी खिलाता है। वायरल वीडियो में सब यही चर्चा कर रहे है कि आखिर यह लड़का कौन है जिसने रतन टाटा के कंधे पर हाथ रखे हुए है।

क्या आप जानते हैं कौन है ये लड़का

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वायरल हुए इस वीडियो में यह देखा जा सकता है कि रतन टाटा बहुत ही सादगी से अपना जन्मदिन मना रहे है। अब लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर वीडियो में रतन टाटा को केक खिलाने वाला लड़का है। हालांकि यह बात साफ़ है कि इस लड़के का रतन टाटा से कोई भी पारिवारिक संबंध नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस लड़के का रतन टाटा के साथ बहुत ही ख़ास जुड़ाव है।

शांतनु नायडू नाम है लड़के का

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वीडियो में जो लड़का रतन टाटा के कंधे पर हाथ रखे हुए है उसका नाम शांतनु नायडू है। शांतनु नायडू रतन टाटा के निजी सचिव है। रतन ने अपना निजी सचिव इस युवा लड़के को रखे हुए है। शांतनु नायडू मुंबई के रहने वाले हैं। रतन टाटा ने शांतनु से प्रभावित होकर उन्हें खुद फोन करके कहा था कि क्या आप मेरे निजी सचिव बनेंगे।

किस वजह से शांतनु से प्रभावित हुए रतन टाटा

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शांतनु नायडू ने अपनी कहानी फेसबुक पेज ह्युमंस ऑफ़ बोम्बे पर शेयर की है। उन्होने बताया कि 2014 में उन्होंने एक कुत्ते को सड़क एक्सीडेंट में मरते हुए देखा। बेजुबान जानवरों के प्रति इस बर्बरता को कम करने के लिए शांतनु ने कुत्तों को इस तरह के एक्सीडेंट से बचाने के लिए एक आइडिया सोचा। इसके बाद उन्होंने हर कुत्ते के गले में एक चमकीली चीज बांधनी शुरू कर दी।


इस चमकीली चीज को कुत्तों के गले में बाँधने का मकसद यह था ताकि वाहन चालक इन चमकती चीजों को दूर से देख लें और गाड़ी को धीमा कर दें। इससे कुत्तों का एक्सीडेंट न हो सके। शांतनु नायडू के इस काम से रतन टाटा काफी प्रभावित हुए। इसके बाद रतन टाटा ने उन्हें फोन करके उन्हें अपना निजी सचिव बनने का ऑफर दिया। जिसे उन्होंने एक्सेप्ट कर लिया। रतन टाटा इन्स्टाग्राम पर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। अक्सर वह इन्स्टाग्राम पर युवाओं के साथ इंटरैकशन करते रहते हैं।

शादी की सुहागरात पर पत्नी के पेट में हुआ दर्द, अल्ट्रासाउंड कराया तो पति पहुंचा पुलिस स्टेशन

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अमेरिका जैसे पश्चिमी सभ्यता के देशों को बहुत से लोग रिलेशनशिप में रहते हुए पहले बच्चे पैदा कर लेते हैं और बाद में शादी करते हैं लेकिन भारत में प्रथा है कि शादी के बाद ही बच्चा होता है। लेकिन अगर क्या हो जब शादी की रात में सुहागरात के दिन दूल्हे को पता चले कि उसने जिससे शादी की है वह गर्भवती है, वो भी उसके गर्भ में पल रहा बच्चा एक नहीं बल्कि जुड़वाँ है। लाजमी है इससे उसके परिवार वालों और उसके ऊपर बिजली गिर जायेगी।

इसमें परिवार वालों की बेइज्जती तो होगी ही साथ ही महिला के ख़राब कैरेक्टर की भी बात होगी। अगर दूल्हा-दुल्हन शादी से पहले से मिलते जुलते रहे हो तो बात कुछ और है लेकिन जब अरेंज मैरिज में यह होता है पैरों के नीच जमीन खिसक जाती है। दरअसल एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश एक मेरठ से सामने आया है। आइये इस पूरे मामलें पर विस्तार से नज़र डालते हैं।

मेरठ का है यह अनोखा मामला

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यह मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र के पीपलीखेडा गाँव का है। यहाँ पर बीते 25 दिसंबर को यहाँ के रहने वाले सलमान की शादी मेरठ के जाकिर कालोनी में रहने वाली सानिया के साथ हुई थी। शादी के बाद जो हुआ वो सलमान और उसके परिवार वालों के लिए चौंकाने वाला था।

बताया जा रहा है कि शादी की रात में सलमान की पत्नी सानिया ने कहा कि उसके पेट में दर्द है। इस बात को अगले दिन सलमान ने अपनी माँ को बताई। परिवार वालों को फिर कुछ शक हुआ। उन्होंने सानिया को हॉस्पिटल में लाकर उसकी जांच कराई तो सच्चाई पता चली। उनके पैरों के नीचे की ज़मीन खिसक गयी। रिपोर्ट में पता चला कि महिला के पेट में एक नहीं बल्कि जुड़वाँ बच्चे पल रहे थे। यह गर्भ 5 माह का हो गया था।

दुल्हन के घरवालों ने दूल्हे को धमकाया

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मामलें ने तब तूल पकड़ लिया जब सलमान के साथ ‘उल्टा चोर कोतवाल को डाटें’ का सीन हुआ। सलमान ने जब गर्भ में जुड़वाँ बच्चों के पल रहे गर्भ की बात ससुराल वालों को बताई तो उन्होंने धमकाना शुरू कर दिया कि उसने दस लाख रुपये के लिए निकाह किया है। अब वह दस लाख रूपये दे नहीं तो उसे झूठे मुक़दमे में फंसा दिया जायेगा। एक तरह से सलमान के ससुराल वालों ने उल्टा उसे ही धमकाना शुरू कर दिया है कि अगर वह शादी तोड़ता है तो उसे दस लाख रुपये वापस देना होगा।

पति शिकायत पत्र लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंचा

जब पति सलमान को ससुराल वालों की तरफ से धमकी मिली तो वह शिकायत पत्र लेकर एसएसपी ऑफिस पहुँच गया। उसने पुलिस को सारी बात बताई कि कैसे उसके साथ तो धोखा हुआ और जब उसने इस बारे में दुल्हन वालों के परिवार वालों को बताया तो वह उसे उल्टा धमका रहे हैं। पुलिस ने उसकी इस शिकायत पर जांच करनी शुरू कर दी है।

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इस मामलें में पुलिस अधिकारी निष्पक्ष जांच की बात कह रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि मामले में क्या न्याय होता है। लेकिन दूल्हे सलमान के साथ जो भी हुआ वह धोखा हुआ और पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि जांच के बाद पीड़ित को उचित न्याय दिया जायेगा और आरोपी को भी सजा दी जायेगी।

शादी के 6 महीने बाद ही पैदा हुआ बच्चा, सास ने बहू को घर से निकाला, लेकिन फिर बहू ने

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ग्वालियर के कुटुंब न्यायालय में शादी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लव मैरिज को लेकर लोगों की छोटी सोच को जता दिया है। मध्य प्रदेश में शादी के एक साल बाद ही ऐसा क्या हो गया, जिसकी वजह से लड़के के परिवार ने लड़की को घर से निकाल दिया। आइये इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

यह मामला ग्वालियर का है। ग्वालियर के अशोक नगर की 25 वर्षीय महिला ने सोशल मीडिया पर कुटुंब न्यायालय के मीडिएशन सेल का फोन नम्बर देखने के बाद उन्हें फोन करके संपर्क किया। इसके बाद युवती ने जो बताया वह हैरान करने वाला था।

प्रेम विवाह करने के बाद छह महीने में ही बच्चा हुआ पैदा

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महिला ने बताया कि उसने 2020 में 30 मई को गुना के रहने वाले एक व्यक्ति से प्रेम विवाह किया था। विवाह के छह महीने बाद ही दिसंबर में उसी साल उसे बच्चा हो गया। चूँकि शादी को मात्र 6 ही महीने हुए थे तो इसलिए समाज के लोगों ने परिवार पर बच्चे के पैदा होने की टाइमिंग को लेकर फब्तियां कसनी शुरू कर दी। इसके बाद लड़के के परिवार ने महिला को घर से निकाल दिया। परिवार वाले ने बच्चे को नाजायज करार दे दिया। ससुराल वालों के इस कदम पर महिला बार-बार कहती रही कि यह बच्चा इसी परिवार का है लेकिन ससुराल वालों ने उसकी एक न सुनी।

जब महिला ने यह सब बातें मीडिएशन सेल को बतायी तो काउंसिलिंग टीम ने इस बाबत महिला के पति से बात की। पहले तो पति ने भी कहा कि बच्चा उसका नहीं है। इसके बाद टीम ने बताया कि उसने लव मैरिज की है, वो भी घरवालों के सामने। इससे पहले वह मंदिर में भी शादी कर चुका था और परिवार वालों के सामने शादी करने से पहले भी वह महिला के साथ संबंध बना चुका था।
Police

इस केस में अगर वह फिर भी इनकार करता है कि बच्चा उसका नहीं है तो डीएनए जांच होगी। और अगर डीएनए जांच में पाया गया कि बच्चा उसी का है तो उसे पत्नी को न अपनाने और उस पर लांछन लगाने के केस में जेल भी हो सकती है।

पति ने फिर माना कि बच्चा उसी का है

टीम के समझाने पर पति को बात समझ में आयी। उसने अपने परिवार को जाकर बताया कि यह बच्चा उसी का है। उसने महिला से पहले ही शादी कर ली थी। लेकिन परिवार और समाज के डर की वजह से इसके बारे में वह किसी को बता नहीं पाया। उसकी बात सुनकर सभी को एहसास हुआ कि उन्होंने महिला के साथ ज्यादती की है। बच्चा उन्ही के परिवार का है। इसके बाद महिला की सास ने उसे महिला को घर में ख़ुशी-ख़ुशी ले आयी।

फेसबुक पर हुई दोस्ती और फिर की शादी

Facebook

दोनों की दोस्ती फेसबुक के जरिये हुई थी। दोनों फेसबुक पर एक दूसरे के साथ कुछ दिनों तक चैट करने के बाद आपस में मिलने लगे थे। फिर दोनों ने शादी का फैसला किया। परिवार के सामने शादी करने से पहले दोनों ने मंदिर में चुपके से शादी कर ली थी।

हरभजन से थप्पड़ खाने वाले श्रीसंत ने भज्जी के संन्यास पर कही ये बात

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जब भी भारत के श्रेष्ठतम ऑफ़ स्पिनर की बात होगी तो उसमे हरभजन सिंह का जिक्र जरूर होगा। हरभजन सिंह ने बीते 24 दिसंबर 2021 को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के तीनो प्रारूपों से सन्यास ले लिया। इसकी घोषणा ने हरभजन सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिये दी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले कुछ सालों से हरभजन सिंह भारतीय क्रिकेट टीम में जगह नहीं बना रहे थे। वह कमेंट्री बॉक्स में कमेंट्री करते दिख रहे थे।

हरभजन सिंह की इस घोषणा पर तमाम पूर्व खिलाड़ियो ने उन्हें शुभकामनाएं दी। वहीं एक ऐसे खिलाड़ी ने हरभजन सिंह को रिटायरमेंट पर प्रतिक्रिया दी है जिसे कभी हरभजन सिंह ने थप्पड़ मारा था। आइये जानते हैं श्रीसंत ने हरभजन सिंह के रिटायरमेंट पर क्या कहा।

हरभजन ने श्रीसंत को आईपीएल में जड़ा था थप्पड़

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हरभजन सिंह ने आईपीएल के शुरूआती सीजन में श्रीसंत को सरेआम क्रिकेट मैदान पर थप्पड़ मारा था। अब वही श्रीसंत ने हरभजन सिंह के रिटायरमेंट को लेकर ट्विटर पर उन्हें जवाब दिया है। दरअसल जब श्रीसंत को हरभजन सिंह के रिटायरमेंट की बात पता चली तो श्रीसंत ने ट्वीट करते हुए लिखा, “आप क्रिकेट खेलने वाले न केवल भारत के बल्कि पूरी दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं। आपको जानना मेरे लिए बहुत फख्र की बात है और भज्जी पा आपके साथ खेलना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। मै आपके साथ गले मिलने का क्षण हमेशा शेयर करूंगा। खासकर मै लकी हूँ इस हिसाब से। आपको बहुत सारा प्यार और सम्मान।”

इस ट्वीट के साथ श्रीसंत ने 4 फोटो शेयर की, जिसमे वह हरभजन सिंह के साथ दिख रहे हैं। हर फोटो में श्रीसंत और हरभजन सिंह दोनों गले मिलते या एक दूसरे के ऊपर हाथ रखे हुए दिखाई दे रहे हैं।


वहीं श्रीसंत के इस ट्वीट पर तमाम फैन्स ने भी जवाब देते हुए हरभजन सिंह को आने वाले भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। एक यूजर ने श्री संत के हरभजन सिंह के प्रति यह प्यार देखकर भाव विभोर होते हुए आईपीएल में थप्पड़ काण्ड की घटना को याद करते हुए लिखा, “वो मोमेंट ऐसे ही हो गया था, उसको याद मत करो क्यूँ कि दोस्त दोस्त को भी मार देता है लेकिन कह देता है, अरे भाई, सॉरी, गरम हो गया था, दोस्ती में यह सब चलता है।”

वहीं एक यूजर ने इस ट्वीट पर फब्तियां कसते हुए कहा, भाई आप तो वही है न जिसको हरभजन सिंह ने थप्पड़ मारा था। वहीं एक यूजर ने पॉजिटिव कमेन्ट करते हुए श्रीसंत की तारीफ करते हुए कहा, भाई दिल तेरा बड़ा है।

हरबजन सिंह की इस घोषणा पर दिनेश कार्तिक, रोहित शर्मा, अनिल कुंबले, सचिन तेंदुलकर, शार्दुल ठाकुर आदि खिलाड़ियों ने उन्हें बधाई दी। हरभजन सिंह की उम्र इस समय 41 साल हो गयी है। उन्होंने भारत के लिए कुल 103 टेस्ट मैच खेले जिसमे से उन्होएँ 417 विकेट चटकाए वहीं 236 वनडे मैचों में उन्होंने कुल 269 विकेट झटके। वहीं उन्होने भारत के लिए कुल 28 टी20 मैच भी खेले जिसमे से उन्होंने कुल 25 विकेट झटके। भारत के लिए सभी फ़ॉर्मेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में हरभजन सिंह अनिल कुंबले के बाद दूसरे खिलाड़ी हैं।

गांव का नाम था ऐसा कि बोलने में आती थी शर्म, गांव वालों की मांग पर अब जाकर बदला नाम

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पुरानी कहावत है कि ‘नाम में क्या रखा है’, लेकिन आजकल सब नाम के लिए ही हो रहा है। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपको अपने गाँव या माता-पिता से सम्बंधित नाम के कारण आपके स्कूल या ऑफिस में मजाक उड़ाया गया हो। ऐसा होता है लोग अक्सर माँ-बाप के नाम से बच्चे का मजाक उड़ाते हैं। कभी-कभी इलाके के नाम को लेकर भी लोगों का मजाक उड़ता है। वैसे तो भारत के कई जगहों पर गाँवों के नाम बहुत अजीबों-गरीब हैं, जिनकी वजह से यहाँ पर रहने वाले लोगों को अपना नाम बाहर शहरों में बताने में शर्म आती है। इन गाँवों का नाम गाली की तरह होता है।

अप्शब्द नामों वाली जगहें ज्यादातर राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड है। अक्सर रेलवे स्टेशन के उटपटांग नाम होने से भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा होती है। जैसे-जैसे इन अप्शब्द नामों की खबर चर्चा में आती है तो इसका नाम बदलने की कवायद की जाती है।

झारखंड के देवघर जिले में एक ऐसा ही गाँव था जहाँ के लोगों को अपने गाँव के नाम की वजह से काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ती थी। इस वजह से लोगों ने अपने गाँव का नाम बदलने की ठानी। इसमें उनको सफलता भी मिली। आइये इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

गाँव का नाम था ‘भो–डी”

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इस गाँव में रहने वाले छात्र-छात्राओं को अपने स्कूल-कालेजों में गाँव का नाम बताने में काफी शर्म आती थी क्योंकि लोग गाँव का नाम सुनते ही हंस पड़ते थे। इस वजह से बच्चे अपने गाँव का नाम बताते हुए संकोच करते थे। लोगों में डर रहता था कि अगर वे अपने गाँव का नाम बताएँगे तो लोग उनका मजाक उड़ायेंगे। यह नाम ही ऐसा था कि जो कोई भी सुनता तो एक बार जरूर हंस पड़ता। इसलिए इस गाँव के लोगों ने इस गाँव का नाम बदलने का बीड़ा उठाया।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस गाँव का नाम लोगों के जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, और इनकम प्रूफ और एड्रेस प्रूफ पर यही रहता था इसलिए लोगों ने इसे बदलने का निर्णय लिया।

‘भो–डी” नाम बदलवा करके ‘मसूरिया’ किया

गाँव के इस नाम की समस्या को सुलझाने के लिए बंका पंचायत के ग्राम पंचायत प्रधान रंजीत कुमार यादव ने गाँव के सारे सरकारी दस्तावेजों में नया नाम डालने के लिए गाँव के लोगों की एक बैठक बुलाई। सभी इस बैठक में गाँव का नाम बदलकर ‘मसूरिया’ करने पर राजी हुए। इसके बाद सरकारी दफ्तरों में इस नए नाम की एंट्री करायी गयी। कई महीनो के बाद जाकर गाँव का नाम बदला। अब राजस्व विभाग की वेबसाइट पर पुराने नाम ‘भो–डी” की जगह पर ‘मसूरिया’ हो गया है।

प्रधान रंजीत कुमार यादव नाम बदलवाने की जद्दोजहद पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकारी पर्चे पर गाँव का नाम भद्दा होने से लोगों को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती थी इसलिए सर्वसम्मति से नाम बदलने का फैसला लिया गया। अब अगर पीएम आवास योजना के तहत आवास आवंटित होता है तो नए नाम मसूरिया से आवंटित होता है। सभी प्रमाण पत्र पर गाँव के नए नाम से जारी होने लगे हैं।

फ्री फायर गेम के चक्कर में 14 साल के लड़के ने घर छोड़ा, घर छोड़ने से पहले लेटर में लिखी ये बात

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इस समय बच्चों द्वारा मोबाइल फोन चलाने का चलन काफी बढ़ा है। कोविड की वजह से भी बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई करने के बहाने फोन चलाते रहते हैं। वहीं चंचल बच्चों का मन मोबाइल में गेम खेलने में ज्यादा रहता है। अक्सर ये बच्चे पहले ये खेल मजे के लिए खेलते हैं लेकिन धीरे यह आदत बन जाती है फिर यह लत में बदलते हुए देर नहीं लगती है।

अक्सर बच्चों को पब्जी और फ्री फायर गेम में लिप्त होते हुए देखा जा सकता है। इन मोबाइल गेम्स को खेलने के चक्कर में बच्चे स्कूल का काम तो छोड़ ही देते हैं साथ ही साथ खाना-पीना भी भूल जाते हैं। गुजरात के बलसाड में फ्री फायर गेम के लत का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। आइये जानते हैं कि क्या है पूरा मामला-

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दरअसल गुजरात के बलसाड में रहने वाले भगवान यादव का बेटा अभिषेक यादव फ्रीफायर के चक्कर में घर ही छोड़ दिया। वह बीते 9 दिसंबर को बलसाड से भागकर 684 किलोमीटर दूर पाली चला आया था। अभिषेक घर से इसलिए भागा था क्योंकि वह अपने माँ बाप द्वारा फोन छीन लेने से नाराज था। इसलिए घर से भागते समय में उसने एक पत्र भी लिखा।

पत्र में लिखा, मुझे मत ढूढ़ना, मै एक हजार रूपये लेकर जा रहा हूँ

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अभिषेक अपने माँ-बाप द्वारा फ्री फायर गेम खेलने पर मोबाइल छीने जाने पर इतना चिडचिडा हो गया था कि उसने घर से भागने का फैसला कर लिया। घर से भागते हुए उसने एक पत्र लिखा, “मुझे मत ढूढ़ना, मै घर से 1 हज़ार रूपये लेकर जा रहा हूँ। सॉरी मम्मी, पापा, दीदी और भाई, मुझे जाना होगा, क्योंकि तुम लोग मुझे फ्री फायर गेम नही खेलने देते, मेरी बात नहीं सुनते हो, इसलिए मै घर छोड़ रहा हूँ, माँ तुम रोना नहीं, मै बहुत अच्छे से रहूँगा, माँ तुम्हारी बहुत याद आयेगी। आप पापा को बता देना कि मै जा रहा हूँ। सॉरी।”

रेलवे स्टेशन पर भटकते हुए मिला

अभिषेक जब घर से भागकर आया तो वह रानी स्टेशन पर पहुंचकर लोगों से आने वाली गाड़ी के बारे में पूछने लगा। स्टेशन पर मौजूद पॉइंटमैंन को उस पर कुछ शक हुआ। फिर उसने बच्चे को ले जाकर स्टेशन मास्टर के पास किया। इसके बाद स्टेशन मास्टर ने उसे पुचकार उसका इस तरह यहाँ आना कैसे हुआ, आदि पूछा। अभिषेक ने उन्हें अपने स्कूल का नाम भी बताया। इसके बाद स्टेशन मास्टर ने समझदारी दिखाते हुए गूगल पर स्कूल का नाम डालकर स्कूल का कॉन्टैक्ट नम्बर हासिल किया। फिर प्रिंसिपल से बात करने के बाद उसके माँ-बाप से संपर्क किया। फिर उसके माँ-बाप स्टेशन पर उसे लेने के लिए आये।

माता-पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई

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अभिषेक का पत्र पाने के बाद उसके माँ-बाप ने उसकी ख़ोजबीन शुरू कर दी। आसपास के मोहल्ले में उसे खोजा और पूछा। फिर जब नहीं मिला तो पास वाले थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी। उन्होंने गाँव के आसपास अभिषेक के फोटो भी लगाये। फिर उन्हें रानी रेलवे स्टेशन से अभिषेक के बारे में जानकारी मिली।