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पीएम मोदी ने धोनी को चिट्ठी लिखकर ऐसे दिया धन्यवाद, माही ने जवाब में लिखी यह बात

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महेंद्र सिंह धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं उनके संन्यास लेने के बाद कई बड़ी हस्तियों ने उनके करियर की तारीफ की। यहां तक कि खुद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें शानदार उपलब्धियों के लिए धोनी को बधाई दी साथ ही देश को कई ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए धन्यवाद भी कहा। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र लिखकर धोनी की सराहना की है। आइए आपको बताते हैं प्रधानमंत्री मोदी ने धोनी को अपने पत्र में क्या खास बातें लिखी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखी धोनी को चिट्ठी :

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आपको पता होगा कि भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त को संन्यास लेने का ऐलान किया था। अब प्रधानमंत्री मोदी ने उनको ख़त लिखते हुए कहा है, ” प्यारे महेंद्र, 15 अगस्त के दिन आपने हमेशा हैरान कर देने वाले अंदाज में एक छोटा सा वीडियो डालकर संन्यास का ऐलान कर दिया. हालांकि यह पूरे देश के लिए चर्चा का विषय बनने के लिए काफी था. देश के 130 करोड़ लोग निराश हुए लेकिन पिछले 15 सालों में जो आपने देश के लिए किया उसके लिए वह सभी आपके आभारी हैं. आपके करियर को देखने का एक तरीका आंकड़े भी हैं.

आप भारत के सबसे सफल कप्तानों में शामिल रहे और देश को टॉप पर पहुंचाया. क्रिकेट के इतिहास में आपका नाम महान बल्लेबाज, कप्तान के साथ-साथ इस खेल के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर्स में भी शामिल रहेगा. कठिन परस्थिति में टीम आप पर निर्भर करती थी और आपका फिनिशिंग स्टाइल हमेशा फैंस को याद रहेगा खासकर जिस तरह आपने 2011 वर्ल्ड कप देश को जिताया.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे लिखा, ” मैं यहां पर इंडियन आर्मी के साथ आपके खास रिश्ते के बारे में भी बात करना चाहूंगा. आप हमारे फौजी भाइयों के साथ हमेशा खुश दिखाई दिए और उनकी ओऱ आप रवैया शानदार रहा. आप एक छोटे से शहर निकलकर आए और देश की पहचान बन गए. आपको सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर देखना आपके साथ अन्याय होगा. आप एक अलग युग थे.

धोनी ने प्रधानमंत्री मोदी को कहा शुक्रिया

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प्रधानमंत्री मोदी ने आखिर में लिखा “मुझे उम्मीद है कि साक्षी और जीवा को आपके साथ और ज्यादा समय बिताने का मौका मिलेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने धोनी को उनके नए सफर के लिए बधाई औऱ शुभकामनाएं भी दी. धोनी ने भी टि्वटर पर पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया है. धोनी ने लिखा कि एक कलाकार, सैनिक और खिलाड़ी को प्रशंसा की कामना होती है. धोनी ने लिखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मिली प्रशंसा और शुभकामनाओं के लिए धोनी ने उनको शुक्रिया कहा.

दुनिया की 9 सबसे खूबसूरत महिलाएं, बॉलीवुड की एक एक्ट्रेस भी है शामिल

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पूरी दुनिया में हर साल सौंदर्य प्रतियोगिताएं होती है। सुन्दरियां चुनी जाती है। किसी देश विशेष में वहाँ की सिनेमा से ताल्लुक रखने वाली महिलाएं भी सौंदर्य प्रतियोगिताओं से चुनी गयी सुंदरियों से कम नहीं होती है। हॉलीवुड में ऐसी कई अभिनेत्री रही हैं जिनके रूप से सुंदरता का स्टैण्डर्ड तय होता है। इसमें सबसे पहला नाम आता है मर्लिन मुनरो का।

मुनरों की तरह गुज़रे जमाने में ऐसी कई महिलाएं रहीं हैं जिन्होंने अपने रूप से पूरी दुनिया को दीवाना बनाया। 21वीं के इस युग में हम बात करने जा रहें हैं 9 सबसे खूबसूरत महिलाओं की। आज हम दुनिया की 9 सबसे खूबसूरत महिलाओं के बारें में जानेंगे।

1- बेला हदीद

Bella Hadid

सबसे खूबसूरत महिलाओं के लिस्ट में बेला हदीद का नाम सबसे ऊपर आता है। बेला अमेरिका की सुपर मॉडल है। इनका पूरा नाम इसाबेला खैर हदीद है। इनका जन्म और परवरिश लॉस एंजेलिस, कैलिफोर्निया में रियल एस्टेट डेवलपर मोहम्मद हदीद और पूर्व मॉडल योल हदीद के घर में हुई। उनकी माँ एक डच मूल की अमेरिकी हैं, और उनके पिता फिलिस्तीनी अमेरिकी हैं। हदीद के दो भाई-बहन हैं। गिगी नामक एक बड़ी बहन, जो एक मॉडल भी है। एक कॉस्मेटिक सर्जन जूनियर डी सिल्वा द्वारा बेला को ‘दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला’ घोषित किया गया है।

2- लुपिता न्योंगो

Lupita Nyong'o

36 साल की मैक्सिकन-केन्याई अभिनेत्री लुपिता न्योंगो को ‘सबसे बेस्ट ड्रेस्ड’ का खिताब दिया गया है। लुपिता न्योंगो एक ऑस्कर विजेता अभिनेत्री है। इनका पूरा नाम ल्यूपिटा अमोंडी न्योंगो है। इनका जन्म 1 मार्च, 1983 को मैक्सिको सिटी, मैक्सिको में केन्याई माता-पिता डोरोथी ओगाडा बायतु और पीटर आन्यांग ‘न्योंगो’ के घर हुआ था। इनकी परवरिश केन्या में हुई। लुपिता ने 2018 की सुपरहीरो फिल्म ब्लैक पैंथर (2018) में सुपरवुमैन ‘नकीया’ का किरदार निभाया था। लुपिता खूबसूरत महिलाओं में भी शुमार है।

3- दीपिका पादुकोण

Deepika Padukone

भारतीय अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को पीपुल्स पत्रिका ने ‘इंडिआज मोस्ट ब्यूटीफूल वुमन’ का खिताब 2012 में दिया था। दीपिका पादुकोण एक भारतीय फिल्म अभिनेत्री के साथ-साथ फिल्म निर्माता भी हैं। भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली अभिनेत्री दीपिका ने तीन फिल्मफेयर पुरस्कार जीते हैं। वह देश की सबसे लोकप्रिय हस्तियों की सूची में शामिल हैं। टाइम पत्रिका ने 2018 में दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में दीपिका का नाम शामिल किया था।

4- बियॉन्से

Beyoncé

बियॉन्से गिसेले नोल्स-कार्टर एक अमेरिकी सिंगर, गीतकार, और अभिनेत्री हैं। वह ह्यूस्टन, टेक्सास में जन्मी और वहीं पली बढ़ी। अपने शानदार फिगर और सुंदरता के लिए बियॉन्से पूरी दुनिया में मशहूर हैं। बियॉन्से बेला हदीद के बाद ‘गोल्डन रेशियो ऑफ ब्यूटी फी’ की लिस्ट में दूसरे नम्बर पर आती हैं। इसके अलावा उन्हें पीपुल्स मैगजीन ने ‘दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला’ करार दिया है।

5- एम्बर हर्ड

Amber Heard

एम्बर हर्ड का पूरा नाम एम्बर लॉरा हर्ड है। वह एक अमेरिकी अभिनेत्री और मॉडल है। हर्ड टेक्सास में जन्मी और पली-बढ़ी हैं। अपनी नीली आँखों की वजह से एम्बर हर्ड दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में गिनी जाती है। सर्जन जूलियन डी सिल्वा ने हर्ड को ‘गोल्डन रेशियो ऑफ ब्यूटी फी’ में शुमार किया है।

6- पिया वर्त्ज़बैक

Pia Wurtzbach

पिया वर्त्ज़बैक सन्न 2015 में मिस यूनिवर्स रह चुकी हैं। पिया एक फिलीपीन-जर्मन मॉडल हैं। वह दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओ में शुमार की जाती है। इनका पूरा नाम पिया अलोंजो वर्त्ज़बैक है। प्रोफ़ेसनली इन्हें लोग ‘पिया रोमेरो’ के नाम से जानते हैं।

7- एरियाना ग्रैंडे

Ariana Grande

एरियाना ग्रैंडे एक अमेरिकी सिंगर हैं। यह उस समय चर्चा में आयी जब मेनचेस्टर में इनके एक कंसर्ट में आत्मघाती हमला हुआ। जितनी प्यारी एरियाना की आवाज उतनी ही सुंदर वह है। सर्जन जुलियाना डी सिल्वा ने एरियाना को सुंदरता की सूची में चौथे स्थान पर रखा है।

8- गिगी हदीद

Gigi Hadid

गिगी हदीद, बेला हदीद की बहन है। गिगी अपनी नीली आँखों की वजह से पूरी दुनिया में मशहूर हैं। इनका पूरा नाम जेलेना नोरा “गिगी” हदीद है। यह एक अमेरिकी फैशन मॉडल है। चार साल मे हदीद अंतरराष्ट्रीय ‘वोग’ मैगज़ीन कवर पर 35 बार दिखाई दी हैं।

9- कैटरिओना ग्रे

Catriona Gray

कैटरिओना ग्रे (Catriona Elisa Magnayon Grey) एक फिलीपीन-ऑस्ट्रेलियाई मॉडल, सिंगर और ब्यूटी क्वीन हैं। यह मिस यूनिवर्स 2018 रह चुकी हैं। वह मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता जीतने वाली चौथी फिलीपिना महिला हैं। इससे पहले, ग्रे को मिस यूनिवर्स फिलीपींस 2018 और मिस वर्ल्ड फिलीपींस 2016 का ताज पहनाया गया था। यह अपनी भूरी आँखों की वजह से पूरी दुनिया में मशहूर हैं।

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जब गौतम गंभीर ने 150 रन की पारी के बावजूद विराट कोहली को दे दिया था अपना मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड

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विराट कोहली आज क्रिकेट में एक जाना माना नाम है। क्रिकेट खेलने, देखने और जानने वाले सभी इस नाम से परिचित है। विराट कोहली अपने प्रदर्शन और रिकार्ड्स के कारण ‘किंग कोहली’ के नाम से जाने जाते हैं। आज कोहली जब भी खेलते हैं तो लोग उनसे शतक की उम्मीद करते हैं। लेकिन एक ऐसा भी समय था जब कोहली इंडियन टीम में नए-नए थे। उनका डेब्यू 18 अगस्त 2008 को हुआ था।

विराट कोहली के लिए 24 दिसंबर का दिन बेहद खास है। इस दिन कोहली ने अपने क्रिकेट करियर का पहला शतक लगाया था। कोहली जब टीम में आये थे तो उन्हें मध्य क्रम में खिलाया जाता था। शुरू-शुरू में इसलिए कोहली ज्यादा शतक नहीं लगा पायें। क्योंकि जब वह खेलने जाते थे तो कभी ओवर ख़त्म हो जाता था या कभी टीम मैच जीत जाती थी इसलिए उन्हें बड़े स्कोर करने में समय नहीं मिल पाता था।

डेब्यू के डेढ़ साल बाद आया कोहली का पहला शतक

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2009 के दिसंबर में 24 तारीख को कोहली ने अपना पहला शतक जड़ा। उनका पहला शतक उनके डेब्यू के लगभग डेढ़ साल बाद आया। इसके बाद कोहली ने फिर पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। आज कोहली वनडे क्रिकेट में 44 से ज्यादा शतक जड़ चुके हैं। आने वाले दिनों में यह आंकड़ा 50 के पार भी जा सकता है।

कोहली ने जब अपना पहला शतक जड़ा तो उस मैच में वीरेंद्र सहवाग कप्तानी कर रहे थे। भारतीय टीम श्रीलंका के साथ पांच मैचों की सीरीज खेल रही थी। सीरीज का चौथा मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन में चल रहा था। इस मैच में श्रीलंका के उपुल थरंगा ने शतक और कप्तान संगकारा ने अर्धशतक लगाया था। भारतीय टीम को 315 रन का लक्ष्य मिला था।

उस समय यह स्कोर बहुत बड़ा माना जाता था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम दोनों ओपनर वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर को सस्ते में गंवा दिया। इसके बाद क्रीज पर गौतम गंभीर आये। इस मैच में क्योंकि धोनी नहीं खेल रहे तो नंबर 4 पर बल्लेबाजी के लिए कोहली को भेजा गया।

कोहली और गंभीर के बीच हुई विराट साझेदारी

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दो विकेट सस्ते में गंवाने के बाद गंभीर और कोहली ने टीम को संभाला। दोनों के बीच पहले 50, फिर 100, फिर 150 और फिर 200 रन की पार्टनरशिप हुई। कोहली ने इस मैच में अपना पहला शतक पूरा किया। उन्होंने 114 गेंदों में 107 रन की पारी खेली। दूसरे छोर पर गंभीर ने नाबाद 150 रन बनाये। अंत में उन्होंने दिनेश कार्तिक के साथ टीम को 7 विकेट से जीत दिलाई।

‘मैन ऑफ़ द मैच’ में आया ट्विस्ट

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गंभीर को उनकी नाबाद पारी के लिए मैन ऑफ़ द मैच का अवार्ड मिला। जब गंभीर का नाम अवार्ड के लिए पुकारा गया तो गंभीर अवार्ड देने वालों के पास गए और उन्होंने रवि शास्त्री से बोला कि यह अवार्ड कोहली को दें क्योंकि कोहली यह अवार्ड वह डिजर्व करता है। इसके बाद रवि शास्त्री ने कोहली को बुलाया। कोहली फिर अवार्ड लेने के लिए आये। कोहली को 1 लाख रूपये का चेक, एक ट्राफ़ी और एक मोबाइल मिला।

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क्या आप जानते हैं पेन के ढक्कन में छेद क्यों होता है ? अगर नहीं जानते तो जान लीजिये

पढ़ने लिखने वाले और हिसाब किताब रखने वाले लोग पेन का इस्तेमाल करते हैं। भले ही जमाना डिजिटल हो गया हो लेकिन पेन का इस्तेमाल अब भी कम नहीं हुआ है। पेन एक समय फैशन के रूप में माना जाता था। लोग इसे अपने शर्ट की जेब में लगाकर चलते थे। जो कोई भी लेखक होता था अगर उसके पास पेन नहीं होती तो लोग कहते थे कि किस बात का लेखक है। पेन की कई खासियत है। जैसे-जैसे अविष्कार हुआ वैसे वैसे पेन भी बदलता रहा है। बॉल पेन से लेकर फाउंटेन पेन तक पेन ने विकास का लम्बा सफर तय किया है।

अगर पेन के स्वरुप की बात की जाए तो यह लगभग 20 से 30 सेमी की पतली सी एक नली होती है जिसमे स्याही भरी होती है। पेन को अगर ऊपरी तौर पर देखा जाए तो इसके अंतिम छोर पर एक छेद होता है। आप लोग पेन तो प्रयोग में लाये होंगे लेकिन शायद ही इस बारें में जानते होंगे कि आखिर पेन के आखिरी छोर या कैप पर छेद क्यों होता है। आज हम इस आर्टिकल के जरिये जानेंगे।

पेन का ढक्कन

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अक्सर देखने को मिल जाता है कि पेन के कैप यानि ढक्कन पर पीछे की तरफ छेद होता है। इसके पीछे आम अवधारणा है कि पेन की ढक्कन में इसलिए छेद किया जाता है ताकि स्याही सूखे न। लेकिन यह अवधारणा सही नहीं है। क्योंकि इससे पेन की स्याही सूख भी सकती है और नहीं भी सूख सकती है। यह भी कहा जाता है कि ढक्कन में छेद होने से यह पेन को ढक्कन से बंद करने पर बाहर और कैप के अंदर निब की स्याही के दबाव को बराबर बनाये रखता है।

यह अवधारणा भी सही साबित नहीं होती है। क्योंकि चुटपुटी पेन और घुमावदार कैप वाली पेन में यह बात उसमे लागू ही नहीं होती है। इसके अलावा लोगों को लगता है कि पेन में छेद कंपनियां पेन को अच्छा दिखाने के लिए करती है। लेकिन ऐसा नहीं होता है।

क्या है मूल कारण

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पेन के दोनों छोर पर छेद सुरक्षा के लिहाज से दिया जाता है। अगर कोई बच्चा पेन की कैप या पेन को ही निगल जाए तो छेद रहने से इससे उसके अंदर ऑक्सीजन पास होती रहेगी और यह बच्चों के लिए घातक सिद्ध नहीं होगी। पेन के ढक्कन और पेन के पीछे छेद करने का यही एकमात्र सुरक्षा के लिहाज से मेन कारण होता है। अक्सर देखा गया है लिखते समय बच्चे पेन को ढक्कन की तरफ से चबाने लगते हैं और गलती से ढक्कन पेट में चली जाती है।

ढक्कन में पीछे छेद रहने के कारण सामान्यता अंदर जाने वाली ऑक्सीजन रूकती नहीं है और जान का कोई नुक्सान नहीं होता है। कुछ देर तक सांस छेद के जरिये जाती रहे और तब बच्चे को डॉक्टर के पास लेकर पहुंचा जा सके। इसलिए पेन के निर्माताओं ने ऐसा किया।

वैज्ञानिक कारण भी ही इसके पीछे

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पेन की ढक्कन में छेद इसलिए भी किया जाता है ताकि ढक्कन को पेन से बंद करने पर इसके अंदर ऑक्सीजन की प्रवाह बनी रहे और कार्बनडाइऑक्साइड के दबाव के कारण स्याही बाहर न बहे।

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आइये जानते हैं धोनी के 15 साल के इंटरनेशनल क्रिकेट करियर से जुड़ी कुछ रोचक बातें

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भारत के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी ने 23 दिसम्बर 2019 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 15 साल पूरे कर लिए थे। 15 अगस्त 2020 को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। धोनी दुनिया के एकमात्र कप्तान है जिन्होंने ICC की सभी ट्रॉफी जीती है। आइये आज धोनी के अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट में 15 साल के करियर के जुड़े कुछ खास लम्हों के बारें में जानते हैं।

धोनी डेब्यू करते ही अपने लम्बे-लम्बे बालों और छक्कों की वजह से सबके दिलों पर छाने लगे थे। शुरुआत में वह अपनी विकेटकीपिंग से ज्यादा बालों के लिए जाने जाते थे। वर्ष 2003-04 में धोनी इंडिया A की तरफ से बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज़ जिम्बाम्बे और केन्या के दौरे पर गए। यह दौरा धोनी के करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। केन्या दौरे पर केन्या, इंडिया A और पाकिस्तान A के बीच एक त्रिकोणीय सीरीज खेली गई थी।

MS Dhoni

इस सीरीज में धोनी ने शानदार प्रदर्शन किया। इस टूर पर धोनी ने 6 पारियों में 2 शतक समेत कुल 362 रन रन बनाये। धोनी के दोनों शतक पाकिस्तान के खिलाफ आये। धोनी के इस प्रदर्शन से वर्तमान तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली बहुत प्रभावित हुए। इसके कारण उन्हें टीम इंडिया में खेलने का मौका मिला।

डेब्यू मैच में 0 पर आउट हो गए थे

धोनी ने जब डेब्यू किया तो उस मैच में वह 0 पर ऑउट हो गए थे। बांग्लादेश के खिलाफ धोनी 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे और वह पहली ही बॉल पर रनऑउट हो गए। धोनी ने इंडिया की तरफ से 350 वनडे खेलें हैं और वह करीब 51 की औसत से 10773 रन बनाये हैं। जिसमे 10 शतक और 73 अर्धशतक शामिल हैं।

Pakistani fans loves Dhoni

धोनी ने अपने 5वें वनडे मैच में नम्बर 3 पर बल्लेबाज़ी करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ शानदार 148 रन की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 4 छक्के लगाए। इस मैच के बाद से धोनी का नाम विश्व क्रिकेट के पटल पर छा गया। विशाखापत्तनम के बाद धोनी ने फैसलाबाद में भी पाक के खिलाफ 148 रनो की पारी 2005-06 में खेली।

वनडे में शानदार प्रदर्शन करने के बाद धोनी को 2005 में टेस्ट टीम में शामिल किया गया। इसी साल T-20 क्रिकेट शुरुआत हो गयी थी। धोनी को भारतीय T-20 क्रिकेट टीम का कप्तान चुना गया। धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को पहला T-20 क्रिकेट विश्व कप जिता दिया। इसके बाद धोनी को वनडे और टेस्ट टीम की भी कप्तानी मिल गयी।

​183* है धोनी का सर्वश्रेष्ठ स्कोर

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2005 में धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ जयपुर में खेले गए मैच में शानदार 183 रन की पारी खेली। इस मैच में भारतीय टीम श्रीलंका द्वारा दिए गए 299 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। धोनी को नंबर 3 पर बैटिंग के लिए भेजा गया। धोनी की ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी की वजह से भारत ने यह मैच 23 गेंद शेष रहते ही जीत लिया। आज भी धोनी का 183 रन का स्कोर वनडे क्रिकेट में किसी विकेटकीपर द्वारा खेली गयी सर्वोच्च पारी है।

2005 में एक वाक़या तब घटित हुआ था जब भारतीय टीम पाकिस्तान के दौरे पर गयी थी। तब पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को धोनी के बाल इतने पसंद आये कि उन्होने धोनी को कह दिया कि आप अपने बाल न कटाएं।

Sourav Ganguly with MS Dhoni

धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को T-20 क्रिकेट विश्व कप और वनडे विश्व कप जिताया। इसके बाद उन्होंने 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी भी जितायी। इसके अलावा धोनी की ही कप्तानी में भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में पहली बार नंबर 1 टीम बनी।

आपको बता दें कि धोनी के ऊपर एक फिल्म भी बन चुकी है। धोनी ने 2010 में 4 जुलाई को एक निजी समारोह में साक्षी से शादी की। इस समय धोनी की जीवा नाम की एक बेटी है। धोनी ने अपने करियर में 350 वनडे, 90 टेस्ट, 98 T-20 मैच खेलें हैं। इसके अलावा वह भारतीय सेना में मानद उपाधि धारक हैं। भारत का हर क्रिकेट प्रेमी धोनी को जरुर मिस करेगा।

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दुनियाभर में मशहूर हैं भारत के ये 4 अनोखे गांव, हर गांव की है अपनी अलग खासियत

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भारत विविधताओं का देश है। विश्व गुरु के रूप में दर्जा प्राप्त भारत में कई खूबियां ऐसी हैं जिसे हम भारतीय भी नहीं जानते हैं। अपना देश ही शायद दुनिया का पहला ऐसा देश होगा जहाँ पर इतनी सारी भाषाएँ बोलने वाले और अलग-अलग सभ्यता के लोग रहते हैं।

महात्मा गांधी ने भारत को ‘गावों का देश’ कहा है। यह बात सच भी है। ये गाँव अपनी अलग तरह की रहन-सहन शैली से सभी को आकर्षित करते हैं। आज हम ऐसे चार गाँवों के बारें में जानेंगे जो पूरी दुनिया में मशहूर हैं। आइये इस बारें में विस्तार से जानते हैं।

1- मत्तूर गाँव

Mattur Village

कर्नाटक के शिमोगा जिले में दूर स्थित मत्तूर गाँव में अगर किसी भी घर में घुसे तो वहां आपको संस्कृत भाषा सुनने को मिलेगी। 21 वीं सदी में मत्तूर दुनिया के उन गाँवों में से है एक है जहाँ के निवासी आज भी संस्कृत भाषा में बात करते हैं। मत्तूर से अब तक करीब 30 से अधिक संस्कृत प्रोफेसर हुए हैं जो कुवेम्पु, बेंगलुरु, मैसूर और मैंगलोर विश्वविद्यालयों में पढ़ा रहे हैं। मत्तूर कई मशहूर व्यक्तित्वों का गाँव भी है, जिसमें भारतीय विद्या भवन बेंगलुरु के माथुर कृष्णमूर्ति, वायलिन वादक वेंकटरम, और गामाका विस्तारक एच.आर. केशवमूर्ति के नाम शामिल हैं।

संस्कृत बोलने की ऐसे हुई शुरुआत

मत्तुर में संस्कृत बोलने की शुरुआत सन 1981 में शुरू हुई जब संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने वाली संस्था ‘संस्कृत भारती’ ने मत्तूर में 10 दिवसीय संस्कृत वर्कशॉप का आयोजन किया। ग्रामीणों को उत्सुकता से संस्कृत के बारें में बताया गया और उनसे संस्कृत को संरक्षित करने के लिए कहा गया। इसके लिए उन्हें संस्कृत में बात करने और संस्कृत में ही दिन के सभी काम निपटाने के लिए कहा गया। तब से लेकर अबतक यह प्रथा चली आ रही है। आज यह गाँव दुनिया का पहला गाँव बन गया है जहाँ संस्कृत में बातचीत होती है।

2- कोडिन्ही गाँव

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कोडिन्ही लोकप्रिय रूप से ‘ट्विन टाउन’ अर्थात ‘जुड़वां गाँव’ के नाम से जाना जाता है। यह गाँव भारत के केरल में मलप्पुरम जिले में स्थित है। कोडिन्ही गाँव मलप्पुरम शहर से लगभग 15 मील की दूरी पर स्थित है। यहाँ पर दुनिया में जुड़वां बच्चों की सबसे अधिक जन्म दर है। कोडिन्ही में हर साल पैदा होने वाले असामान्य रूप से जुड़वाँ बच्चे होते हैं। यहाँ आबादी करीब 2000 लोगों की होगी और यहाँ करीब 204 जुड़वां लोग हैं। यह संख्या वक़्त के अनुसार अब भी बढ़ रही है। हर साल लगभग 15 जुड़वां पैदा होते हैं। शहर की लगभग 10% आबादी जुड़वां हैं।

कोडिन्ही में हर 1,000 पैदा हुए बच्चों में 45 जुड़वां बच्चे हैं। भारत के बाकी हिस्सों की तुलना में जहां जुड़वा जन्म दर हर 1,000 में से 4 है। इस घटना ने शोधकर्ताओं को मोहित कर दिया है, लेकिन उन्हें अभी भी इसका कोई कारण नहीं मिला है। ग्रामीणों के अनुसार जुड़वाँ घटनाएं 1949 से ही होती आ रही हैं। यह गाँव मुस्लिम बहुल इलाका है।

3- धोकड़ा गाँव

Dhokda Village

धोकड़ा गाँव भारत के गुजरात में कच्छ जिले के मांडवी तहसील में स्थित है। यह गाँव इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि यहाँ दूध या दूध से बनी चीजों को बेचा नहीं जाता है। इस गाँव में जिसके पास भैंस नहीं होती है उसे दूध, दही और अन्य चीज़ें भी फ्री में दी जाती है। इस गाँव में दूध न बेचने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

धोकड़ा में ज्यादातर ग्रामीण ही रहते हैं। इसकी आबादी करीब 5,000 है। यहाँ पर ग्रामीण लोग मवेशी पालते हैं। यहाँ पर दूध और दही को स्थानीय लोगों के साथ-साथ आस-पास के गांवों के लोगों को भी मुफ्त में वितरित किया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि दूध से बनी चीज़ों का इस तरह से बांटना कोई परोपकार का काम नहीं है। बल्कि यह सब अन्धविश्वास की वजह से किया जाता है।

आज से 500 साल पहले इस गांव में सिंध से एक सैयद अलीपीरे आए थे और लोगों से कहा था कि वे गांव में शांति और खुशी सुनिश्चित करने के लिए दूध न बेचें। एक ग्रामीण के दामाद ने स्थानीय इच्छाओं के खिलाफ दूध बेचना शुरू किया। कुछ ही महीनों में उनकी मृत्यु हो गई। इसलिए कोई चाहकर भी यहाँ दूध बेचने की हिम्मत नहीं कर पाता हैं।

4- शनि सिंगनापुर

Shani Shingnapur

अगर हम कहें कि आज के जमाने में भी देश में एक ऐसा गाँव है जहाँ पर रामराज्य है तो कोई शायद ही विश्वास करेगा लेकिन यह सच है। यह गाँव महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित है। यहाँ पर रामराज्य से मतलब है कि कोई भी व्यक्ति यहाँ पर अपने घर और दुकान में ताला नहीं लगाता है। घर में कितनी भी बहुमूल्य चीज़ हो कोई भी घर में ताला नहीं लगाता है।

इसके पीछे एक कारण यह है कि यहाँ पर एक शनि देव का प्रतिष्ठित मंदिर है। इसलिए अवधारणा है कि यहाँ जो भी कोई भी इस गाँव में चोरी करता है उसका सर्वनाश हो जाता है। इसलिए इस गाँव में चोरी नहीं होती है।

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