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रणबीर कपूर अगर इन 7 सुपरहिट फिल्मों को नहीं ठुकराते तो आज बॉलीवुड के नंबर वन स्टार होते

कपूर खानदान के इकलौते चिराग रणबीर कपूर जितना अपनी लवलाइफ को लेकर चर्चा में रहते हैं उतना ही अपनी फिल्मो को लेकर भी चर्चा में रहते है। आज के समय रणबीर को बॉक्स ऑफिस पर हिट की गारंटी माना जाता है लेकिन उन्हें शायद ही बॉलीवुड का सबसे बड़ा स्टार कहा जा सकता है। पिछले कुछ सालों में रणबीर कपूर की बहुत कम फिल्मे रिलीज हुई है।

वैसे रणबीर कपूर ने अपने करियर में कई शानदार फ़िल्में की है लेकिन उन्होंने बॉलीवुड की कुछ हिट फिल्मों के ऑफ़र को ठुकरा दिया था। रणबीर कपूर अगर इन फिल्मो को कर लेते तो आज वह बॉलीवुड के नंबर 1 स्टार होते। आइये जानते है कि रणवीर कपूर ने कौन-कौन सी हिट फिल्मो के ऑफर को ठुकराया है।

बैंड बाजा बारात

Ranvir Singh Anuskha

बैंड बाजा बारात से रणवीर सिंह ने बॉलीवुड में कदम रखा। यह फिल्म हिट हुई और रणवीर सिंह के लिए बॉलीवुड के दरवाजे खुल गए। रणवीर सिंह के फ़िल्मी करियर में यह फिल्म एक लैंडमार्क के रूप में गिनी जाती है। रणवीर से पहले इस फिल्म को रणबीर कपूर को ऑफर किया था। लेकिन रणबीर कपूर ने इस फिल्म को नहीं किया।

डेल्ही बेली

Delly Belly

डेल्ही बेली को बॉलीवुड की सबसे कल्ट कॉमेडी मूवी माना जाता है। इस फिल्म को आमिर खान ने प्रोड्यूस किया था। इस फिल्म में पहले इमरान खान की जगह रणवीर कपूर को लेने की बात चल रही थी लेकिन किन्ही कारणों की वजह से यह फिल्म रणवीर के हाथों से खिसक गयी।

बैंग बैंग

Katrina Hrithik

फिल्म बैंग बैंग जैसी सुपरहिट फिल्म को भी रणबीर कपूर ने ठुकराया है। उन्हें कैटरीना कैफ के अपोजिट इस फिल्म में काम करने के लिए एप्रोच किया गया था। लेकिन रणवीर सिंह ने इस फिल्म को ठुकरा दिया जिससे यह फिल्म ऋतिक रोशन के खाते में चली गयी।

जिंदगी न मिलेगी दोबारा

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जोया अख्तर की इस फिल्म में ऋतिक द्वारा निभाए गए किरदार को पहले रणबीर कपूर को ऑफर किया गया था। लेकिन रणबीर ने इस फिल्म के ऑफर को ठुकरा दिया जिससे यह फिल्म ऋतिक के खाते में आ गयी। आज के समय में इस फिल्म को बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन फिल्मो में से एक गिना जाता है।

गली बॉय

Gully Boy

इस फिल्म में सेकेण्ड लीड करने के लिए रणबीर कपूर को एक रोल ऑफर किया गया था लेकिन उन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया था। बाद में इस रोल को सिद्धांत चतुर्वेदी ने किया। इस फिल्म को भारत की तरफ से ऑस्कर में भी भेजा गया था।

दिल धड़कने दो

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इस फिल्म में जोया अख्तर पहले करीना कपूर और रणबीर कपूर को कास्ट करने वाली थी। कास्टिंग फाइनल भी हो चुकी थी लेकिन किसी कारणवश दोनों यह फिल्म नहीं कर पाये। बाद में इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा और रणवीर सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई। जोया अख्तर का रणबीर कपूर के साथ काम करने का ख्वाब इस फिल्म में भी नहीं पूरा हो पाया।

टू स्टेट्स

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फिल्म 2 स्टेट्स अर्जुन कपूर के जीवन की सबसे हिट फिल्म मानी जाती है। यह फिल्म चेतन भगत के उपन्यास पर आधारित थी। पहले इस फिल्म को रणबीर कपूर को ऑफर किया गया था लेकिन उनके पास डेट्स नहीं थी इसलिए उन्होंने इस फिल्म को इनकार कर दिया।

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महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी के 5 सबसे खराब फैसले, करना पड़ा था काफी आलोचना का सामना

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भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह भारत के महान कप्तान रहे है, इसमें कोई शक की बात नहीं है। उन्होंने भारत को आईसीसी की सभी ट्राफी अपनी कप्तानी में दिलाई। उन्होंने कई खिलाड़ियों को उनके करियर के शुरूआती स्टेज में मौका देकर उन्हें बड़ा खिलाड़ी बनाया और ये खिलाड़ी आज भारतीय टीम के लिए बड़े एसेट के रूप में काम कर रहे है।

वैसे तो धोनी जो भी फैसला लेते हैं, उस पर भारतीय टीम तो क्या विपक्षी टीम भी कायल हो जाती है। धोनी कितने अच्छे कप्तान है यह हर क्रिकेट प्रेमी जानता है। आइये आज धोनी द्वारा लिए गए कुछ ऐसे फैसले के बारें में जानते है जिसके लिए उनकी काफी आलोचना हुई।

1- विराट कोहली से 2016 टी20 कप के सेमीफाइनल में लास्ट ओवर में गेंदबाजी कराना

Dhoni Kohli

भारत ने 2016 टी20 कप की मेजबानी की थी। इस दौरान धोनी टीम के कप्तान थे। सेमीफाइनल मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 192 रनों का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज को अंतिम ओवर में सिर्फ 8 रनों की जरुरत है। आर अश्विन के 2 ओवर बचे थे लेकिन धोनी ने आखिरी ओवर विराट कोहली से कराया। और वेस्टइंडीज ने यह मैच जीत लिया। धोनी के इस फैसले की बहुत आलोचना हुई थी।

2- CSK के खिलाड़ियों को ज्यादा अहमियत देना

Ravindra Jadeja MS Dhoni

धोनी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलते है। धोनी के ऊपर आरोप लगते रहे कि वह अपनी आईपीएल टीम के खिलाड़ियों को भारतीय टीम ज्यादा वरीयता देते हैं। सीएसके टीम के कई खिलाड़ियों को धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम से डेब्यू करने का मौका भी मिला। मोहित शर्मा, रविन्द्र जडेजा, सुरेश रैना और आर अश्विन जैसे खिलाड़ियों का प्रदर्शन ख़राब होने के बावजूद धोनी उन्हें भारतीय टीम में खिलाते रहे है। जिसकी लिए उनकी काफी आलोचना होती रही।

3- 2009 टी20 विश्व कप में रविन्द्र जडेजा को नंबर 4 पर भेजना

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2009 टी20 विश्व कप में धोनी ने इंग्लैण्ड के खिलाफ एक अहम् मैच में टीम में युवराज सिंह और युसूफ पठान जैसे सरीखे बल्लेबाज़ होने के बावजूद जडेजा को नंबर चार पर भेजा था। जडेजा ने नंबर 4 पर बल्लेबाजी करते हुए 35 गेंदों पर 25 रन बनाये और भारत यह मैच 3 रन से हार गया। धोनी का यह फैसला उनकी कप्तानी में लिया गया सबसे ख़राब फैसला माना जाता है।

4- रोटेशन पालिसी

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सन्न 2011 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उस समय भारतीय टीम के कप्तान रहे धोनी ने रोटेशन पालिसी अपनाई। इस पालिसी के तहत उन्होंने टीम के अनुभवी बल्लेबाज़ वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और सचिन तेंदुलकर को एक साथ न खिलाने का फैसला किया। इस सीरीज में धोनी ने तीनो को साथ में नहीं खिलाया और टीम को हार का सामना करना पड़ा। धोनी के इस फैसले की खूब आलोचना हुई।

5- आईपीएल में अम्पयार के फैसले पर नाराजगी जताते हुए धोनी का मैदान में उतरना

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वैसे तो धोनी शांत स्वाभाव के कप्तान माने जाते हैं। लेकिन 2019 आईपीएल में जब अंपायर ने सीएसके टीम के खिलाफ फैसला दिया तो धोनी ने अंपायर के फैसले को चुनौती देते हुए मैदान में घुस आये। धोनी के इस रवैये पर कई बड़े क्रिक्केटर ने नाराजगी जताई। वीरेंद्र सहवाग का कहना था कि धोनी अगर टीम इंडिया के कप्तान होते और अंपायर गलत फैसला देता तो धोनी इतना बड़ा इश्यु न खड़ा करते लेकिन फ्रेंचाइजी टीम के लिए उन्होंने अपनी कैप्टेन कूल की इमेज की भी परवाह नही की।

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बॉलीवुड के ‘क्यूट कपल’ रितेश देशमुख और जेनिलिया डिसूज़ा से सीखिए हैप्पी मैरिड लाइफ के मंत्र

बॉलीवुड प्यार करना सिखाता है, रिश्ते कैसे बनाये जाए, यह सिखाता है, इन रिश्तों को कैसे निभाया जाए यह भी सिखाता है। यह सब सीख हमें बॉलीवुड फिल्मों और सीरियल से मिलती हैं। कभी-कभी कई ऐसे एक्टर रियल में ऐसे काम कर जाते हैं कि हम उन्हें अपना आदर्श मानने लगते हैं। वैसे तो बॉलीवुड में कई सारे कपल हैं जिन्हें देख के लगता है कि शादीशुदा जिंदगी जन्नत होती हैं।

लेकिन जब बॉलीवुड के क्यूट कपल की बात आती है तो इसमें रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा का नाम आता है। दोनों की जोड़ी को देखकर उनपर बरबस प्यार आता है। दोनों न केवल एक अच्छे शादीशुदा कपल हैं बल्कि एक बहुत ही अच्छे माता-पिता भी हैं। दोनों की शादी को लगभग 8 साल हो चुके हैं। इस दौरान उन्होंने हमें प्रेरणा दी है कि कैसे एक शादीशुदा जिंदगी को जिया जाता है। आइये इसी के बारें में विस्तार से जानते हैं।

Riteish Deshmukh And Genelia Dsouza

एक दूसरे के साथ को करें एन्जॉय

जब पति और पत्नी एक दुसरे के साथ में रहने पर उस पल को एन्जॉय करते हैं तो शादीशुदा जिंदगी अपने आप खुशनुमा हो जाती है। इस बारें में जेनेलिया कहती हैं कि जब तक आप एक दुसरे की कंपनी को नहीं एन्जॉय करोगे तब तक आप शादीशुदा लाइफ को खुशहाली से नहीं जी पायेंगे। साथ में रहने की ख़ुशी से आपके लिए आपका घर ही आपका हनीमून स्पॉट होगा।

हैप्पी वाईफ हैप्पी लाइफ


रितेश देशमुख का कहना है कि शादीशुदा जिंदगी को खुशहाल बनाने का एकमात्र तरीका है कि बीवी को खुश रखा जाए। जिसने भी बीवी को खुश रखने का तरीका जान लिया वह अपनी शादीशुदा लाइफ को हमेशा एन्जॉय करेगा। एक पति होने के नाते जब भी आप अपनी पत्नी को किसी दर्द या टेंशन में देखें तो उसकी मदद करें इससे वह खुश होगी और आपकी मैरिड लाइफ भी खुशहाल होगी।

एक दूसरे के साथ की कमी का हो एहसास

Riteish Deshmukh And Genelia Dsouza Pic

शादी दो शरीरों का मिलन होता है। अगर आप एक दूसरे के साथ की कमी को नहीं महसूस करोगे, तब आपके बीच में प्यार नहीं पनप पायेगा। रितेश ने अपने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था कि जब वह ‘तुझे मेरी कसम’ की शूटिंग कर रहे थे तो उन्हें जेनेलिया की कमी खलती थी। यही हाल जेनेलिया का भी था। दोनों एक दुसरे के पास न होने से एक दूसरे को मिस करते थे। यही से दोनों के प्यार की शुरुआत हुई। दोनों ने 10 साल दोस्त रहने के बाद शादी की।

केयरिंग है सबसे जरूरी


जब तक आप दूसरे का ख्याल रखना नहीं सीखेंगे तब तक आप एक अच्छे इंसान नहीं बन सकते हैं। शादीशुदा जिंदगी को अच्छी तरह से एन्जॉय करने के लिए केयरिंग बनना पड़ता है। जेनेलिया कहती हैं कि रितेश दुनिया के सबसे अच्छे पिता है। वे अपने बच्चों को बहुत प्यार करते हैं। वह मेरी भी बहुत केयर करते हैं। रितेश की यही आदत उन्हें सबसे अच्छा पिता और सबसे अच्छा पति बनाती हैं।

ससुराल वालों को दिल से अपनाएं

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जेनेलिया कहती हैं कि जब एक परिवार आपको पूरे दिल से अपनाता है तो आपका भी यह फर्ज बन जाता है कि आप भी अपने ससुराल को पूरे दिल से अपनाएं। जेनेलिया अपने दिवंगत ससुर के जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि देती रहती हैं। वह अपनी सास के साथ खुद की फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं।

एक दूसरे को अपनाएं

Genelia Riteish

रितेश नए-नए शादीशुदा जोड़ों को टिप्स देते हुए कहते हैं कि शादी के बाद हमें अपनी सारी चीजें अपने पार्टनर के साथ शेयर करनी पड़ती है। रितेश बताते हैं कि उन्होंने अपनी शादी महाराष्ट्रियन रीति-रिवाज और क्रिश्चियन रीतिरिवाज से की थी। जेनेलिया क्रिश्चियन थी लेकिन शादी के बाद वह नए रीति-रिवाजों में ढल चुकी हैं। रितेश ने भी जेनेलिया के रीति-रिवाजों को अपना लिया है। इस वजह से दोनों एक हैप्पी मैरिड लाइफ जी रहे हैं।

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क़ुतुब मीनार के अलावा भी भारत में ये 4 उंची मीनारें हैं प्रसिद्ध

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अगर आप भारत की ऐतिहासिक जगहों के घूमने के शौकीन है तो आपने जरूर किले और मीनारों को अपनी बकेट लिस्ट में डाला होगा। राजधानी दिल्ली में ही आप एक से बढ़कर एक किले, मीनार, मस्जिद और मंदिर को देख सकते हैं। अगर ऊँचे मीनार की बात की जाए तो दुबई का ‘बुर्ज खलीफा’ और फ़्रांस का ‘एफिल टॉवर’ है।

वहीं अगर भारत में ऊँची मीनार की जब बात आती है तो मुंह से दिल्ली का क़ुतुब मीनार ही निकलता है। क़ुतुब मीनार भारत का सबसे मशहूर टूरिस्ट प्लेस है। यहाँ पर न केवल देश से बल्कि विदेशों से भी लोग घूमने के लिए आते है। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में क़ुतुबमीनार जैसे कई और मीनारे हैं जो अपनी उंचाई के लिए फेमस है।

अगर आप ऊँची मीनारों के शौकीन है और क़ुतुबमीनार के अलावा भारत में कोई मीनार देखना चाहते हैं तो आज हम आपको ऐसी ही कुछ मीनारों के बारें में बताएँगे जो टूरिस्टों के लिए आकर्षण का केंद है।

चाँद मीनार, महाराष्ट्र

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चाँद मीनार महाराष्ट्र के दौलताबाद में स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि यह भारत की दूसरी सबसे ऊँची मीनार है। यह मीनार ‘टावर ऑफ़ मून’ के नाम से पूरे भारत में मशहूर है। कहा जाता है कि इस मीनार का निर्माण अलाउद्दीन बहमनी ने सन्न 1445 में कराया था। इसके बारें में कहा जाता है कि यह मीनार दिल्ली में स्थित क़ुतुब मीनार से काफी मिलती-जुलती है। इस मीनार को इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का बेहतरीन नमूना समझा जाता है।

झूलता मीनार, गुजरात

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झूलता मीनार गुजरात के अहमदाबाद में स्थित है। यह मीनार सैलानियों के लिए किसी रहस्यमय कहानी से कम नहीं है। इस मीनार को लेकर ऐसी अवधारणा है कि अगर एक मीनार को हिलाया जाता है तो अन्य दूसरी मीनार भी हिलने लगती है। इसमें बस कुछ सेकेण्ड ही लगता है। यह मीनार क्यों झूलती है इसके बारें में आज तक किसी को नहीं पता चल पाया है।

झूलने के कारण ही इसका नाम झूलता मीनार पड़ा है। यह मीनार अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के सामने ही पड़ती है। ऐसा कहा जाता है कि यह मीनार 500 सालों से अपने अंदर रहस्यों को सजोये हुए है।

फ़तेह बुर्ज, पंजाब

Fatah Burj

पंजाब में स्थित फ़तेह बुर्ज भारत के सबसे मशहूर और प्रसिद्ध मीनारों में से एक है। इसे विजय टावर के नाम से भी जाना जाता है। यह पंजाब के गिरी गाँव में स्थित है। इसे सिखों द्वारा मुग़ल साम्राज्य के पतन के बाद बनाया गया था। इसकी ऊंचाई करीब 100 मीटर है। यह पंजाब में एक प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेस है।

शहीद मीनार, कोलकाता

Shaheed Minar Kolkata

कोलकाता शहर भारत का एक अद्भुत शहर है।इसे महलों का शहर कहा जाता है। यहाँ के मंदिर, मस्जिद और महल पूरी दुनिया में मशहूर हैं। कोलकाता कभी भारत की राजधानी हुआ करता था। कोलकाता में एक मीनार है जिसे शाहीद मीनार के नाम से जाना जाता है। यह ओचेरटोनी नाम से मशहूर है। इसका निर्माण ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने सन्न 1828 में किया था। इसे डेविड ओचेरटोनी की याद में बनाया गया था। कोलकाता में यह एक प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेस है।

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लाखों-करोड़ों रुपये के सिलेंडर से भी ज्यादा ऑक्सीजन पैदा करते हैं ये 6 पेड़

भारत में कोरोना की दूसरी लहर से कोहराम मचा हुआ है। लोग ऑक्सीजन को लेकर काफी भाग-दौड़ मचा रहे है। ऑक्सीजन की कमी हो गयी है। लोग ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं। हेल्थ सेक्टर धराशायी हो गया है। लोग कोरोना से संक्रमित होने के बाद ऑक्सीजन लेवल चेक करा रहे हैं और फिर ऑक्सीजन को लेने के लिए अच्छे खासे पैसे भी देने के लिए तैयार हैं।

वहीं अगर आप भी ऑक्सीजन की कमी को लेकर परेशान है तो आज हम आपको ऐसे 6 पेड़ के बारें में बतायेंगे जिसे लगा करके आप भरपूर ऑक्सीजन पा सकते हैं यह सर्वप्राय है कि पानी से ज्यादा ऑक्सीजन जीवन के लिए जरूरी है।

चूँकि ऑक्सीजन अब फैक्टरी और प्लांट में बनने लगी है लेकिन कई ऐसे प्राकृतिक तरीके हैं जिसकी मदद से आप ऑक्सीजन प्राकृतिक तरीके से पा सकते हैं। पेड़ो की अंधाधुंध कटाई से ऑक्सीजन की भारी कमी हो गयी है इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। आइये आज हम ऐसे 6 पेड़ के बारें में बताएँगे जिसके आसपास होने से कभी भी आपको प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी।

अर्जुन का पेड़

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अर्जुन के पेड़ के कई आर्युवेदिक फायदे हैं। इस पेड़ का धार्मिक महत्व भी ज्यादा है। रामायण ग्रन्थ में इस पेड़ की महत्ता बहुत ज्यादा है। इस पेड़ को दूषित गैसों को सोखकर ज्यादा ऑक्सीजन प्रोड्यूस करने के लिए जाना जाता है।

जामुन का पेड़

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जामुन का फल, बीज और लकड़ी बहुत फायदेमंद होती है। लोग बड़े चाव से जामुन को खाते हैं। जामुन को सल्फर और नाइट्रोजन जैसे गैसों को शुद्ध बनाने के लिए जाना जाता है। यही नहीं जामुन का पेड़ ऑक्सीजन को प्रोड्यूस करने के लिए भी जाना जाता है।

अशोक का पेड़

Ashok Tree

अगर आप वातावरण में ज्यादा ऑक्सीजन की मात्रा चाहते हैं तो आपको अशोक का पेड़ लगाना चाहिए। अशोक का पेड़ भारी मात्रा में ऑक्सीजन का निर्माण करता है। इसके अलावा अशोक का पेड़ दूषित गैसों को भी शुद्ध बनाता है। ऐसा देखा गया है कि कई पार्क में अशोक के पेड़ को लगाया जाता है। इसका यही कारण है कि इस पेड़ की महत्ता बहुत ज्यादा है।

पीपल का पेड़

Peepal Tree In Hinduism

पीपल के पेड़ का हिन्दू में बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व है। यह पेड़ अन्य पेड़ों के मुकाबले ज्यादा ऑक्सीजन प्रोड्यूस करता है। यह पेड़ अपने जीवनकाल में इतनी ऑक्सीजन प्रोड्यूस करता है कि उतना कोई प्लांट भी ऑक्सीजन नहीं प्रोड्यूस कर पायेगा। इस पेड़ की लम्बाई 60 से 80 फ़ीट होती है। लोग इस पेड़ की पूजा भी करते हैं।

बरगद का पेड़

Banyan Tree

बरगद के पेड़ को ‘राष्ट्रीय वृक्ष’ कहा जाता है। इस पेड़ की पूजा भी की जाती है। यह पेड़ काफी ऑक्सीजन प्रदान करता है। साथ ही यह भरपूर छाया भी प्रदान करता है। बरगद का पेड़ जितना बड़ा होगा यह उतना ही ज्यादा ऑक्सीजन प्रदान करेगा।

नीम का पेड़

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बहुत सारे औषधीय गुणों के लिए नीम का पेड़ मशहूर है। नीम पर्यावरण को शुद्ध करता है। इसे ‘नेचुरल प्यूरीफायर’ कहा जाता है। यह वातावरण में मौजूद गंदिगी को साफ़ करता है। यह हवा में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नीम के पेड़ को लगाने से वातावरण की हवा में मौजूद बैक्टीरिया मर जाते हैं।

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ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी पैट कमिंस ने दिखाया बड़ा दिल, भारत की मदद के लिए डोनेट किए इतने लाख रुपये

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हमारा देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है ऐसे में बहुत से लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं. अब मदद के लिए ऑस्ट्रेलिया के एक क्रिकेट खिलाड़ी ने भी हाथ बढ़ाया है बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए पीएम केयर्स फंड में 38 लाख रुपये की मदद की है. देश में हो रही ऑक्सीजन की किल्लत से निपटने के लिए कमिंस ने यह धनराशि दी है.

पैट कमिंस ने ट्विटर पर एक नोट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है, “भारत एक ऐसा देश है, जिसे मैं सालों से प्यार करता आया हूं. यहां के लोग सबसे ज्यादा गर्मजोशी के साथ मिलते हैं. इस वक्त लोग काफी परेशानियों से गुजर रहे हैं और यह जानकर काफी दुख हुआ.


इस बात पर काफी चर्चा हुई है कि क्या कोविड के दौर में आईपीएल को जारी रखना उचित है. मुझे बताया गया कि भारत सरकार का मानना है कि कोरोना और लॉकडाउन के इस मुश्किल वक्त में आईपीएल लोगों के मनोरंजन का जरिया बन रहा है.”

कमिंस ने आगे कहा कि, “खिलाड़ियों के रूप में हमें एक ऐसा मंच मिला है, जिससे हम लाखों लोगों तक आसानी से पहुंच सकते हैं. इस मंच का इस्तेमाल हम अच्छे कामों के लिए कर सकते हैं. इस बात को ध्यान में रखते हुए, मैंने विशेष रूप से भारत में अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए” पीएम केयर्स फंड “में योगदान दिया है.” उन्होंने कहा, “मैं अपने आईपीएल के साथी खिलाड़ियों को योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करता हूं.”

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आपको पता होगा कि पैट कमिंस इस समय इंडियन प्रीमियर लीग खेलने के लिए भारत में हैं. वह कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के खिलाडी हैं. कमिंस को 2020 की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 15.5 करोड़ रुपये की बड़ी रकम में खरीदा था. उनकी टीम ने इस सीजन में अब तक कोई खास प्रदर्शन नहीं किया है. 5 मैचों में उसे सिर्फ 1 में जीत मिली है. उसके खाते में सिर्फ 2 प्वाइंट हैं

कमिंस का मानना है कि पेशेवर क्रिकेट में खिलाड़ियों पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव होता हैं। आप कहीं पर भी पेशेवर क्रिकेट खेले, आप पर काफी दबाव रहता है। अगर आप अच्छा प्रदर्शन कर के मैदान पर उतरते है तो उसे फिर से दोहराने का दबाव होता है। अगर आप खराब प्रदर्शन कर के आते है तो आप पर बेहतर करने का दबाव होता है।

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कमिंस ने कहा कि आप को अधिक पैसे में खरीदा गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गेंद अचानक अधिक स्विंग करने लगेगी है या विकेट अचानक से घसियाली हो जाएगी या सीमा-रेखा बड़ी हो जाएगी। कमिंस ने पिछले सत्र में 14 मैचों में 12 विकेट लिये थे और इस दौरान उनका इकॉनोमी रेट 7.86 का था। उनकी टीम प्लेऑफ में क्वालीफाई करने से चूक गयी थी।