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46 वर्षीय टीचर ने 12वीं की छात्रा से कहा- I Love u बोल, फेल करने की देता था धमकी, वायरल हुई चैट

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एक शिक्षक ही स्कूल में बच्चों के भविष्य का निर्माण करता है। हमारे समाज में गुरु का बहुत महत्व होता है लेकिन जब शिक्षक ही बच्चों का शोषण करने लगे तो क्या होगा? एक ऐसा ही मामला सामने आया है शाजापुर में। शाजापुर में सरकारी स्कूल की छात्रा ने 46 साल के एक टीचर की शर्मनाक हरकत उजागर की है। सरकारी स्कूल के इस शिक्षक ने एक छात्रा को वाट्सऐप पर अश्लील मैसेज भेजे। छात्रा के मुताबिक वो स्कूल में भी उसके साथ अश्लील हरकतें करता था और किसी को बताने पर फेल करने की धमकी देता था।

जब पानी नाक से ऊपर निकल गया तो 15 दिनों से परेशान छात्रा ने अपने घरवालों से सब बताने का निर्णय किया और एक दिन घर जाकर पूरी आपबीती परिजनों को बताई, जिसके बाद इस घटना से गुस्साए परिजनों इस टीचर की थाने में शिकायत की। पुलिस ने छात्रा के बयान और मैसेज के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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बता दें कि इस शिक्षक का नाम कुंदन वर्मा है और ये पोलायकलां स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिछले 20 सालों से छात्रों को फिजिक्स पढ़ा रहा है। कुंदन कई दिनों से 12वीं की छात्रा को स्कूल के एक अलग कमरे में ले जाकर अश्लील हरकतें करता था। छात्रा पर संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा था लेकिन छात्रा ऐसा नहीं चाहती थी।

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छात्रा के अनुसार यह शिक्षक छात्रा को प्रैक्टिकल में कम नंबर देने और फेल करने की धमकी देता था। छात्रा को डेली वॉट्सऐप पर अश्लील मैसेज और आई लव यू कहने के लिए दबाव बनाता था। अंत में परेशान छात्रा ने अपने इस घूर्त शिक्षक को सबक सिखाने का मन बना लिया और इसकी शिकायत कर दी। उसने पूरी घटना परिजनों को बताई। फिर परिजन स्कूल पहुंचे और आरोपी शिक्षक के साथ मा’र-पी’ट की कोशिश की और उसे पकड़कर पुलिस थाने ले आए।

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दैनिक भास्कर में छपी खबर के अनुसार हुई चैटिंग

छात्रा के बयान और वॉट्सऐप मैसेज के आधार पर पोलायकलां पुलिस चौकी ने आरोपी शिक्षक कुंदन वर्मा के खिलाफ पास्को एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। चौकी प्रभारी सुरेंद्र मेहता का कहना है कि पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ आरोपी शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। हमने पॉस्को एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

जानिए कौन है RCB के डगआउट में बैठी ये लड़की, जिसको देखकर मुस्कुरा रहे थे काइल जैमीसन

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हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच खेले गए मैच के बाद एक फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी। जिसमें आरसीबी के खिलाड़ी काइल जैमीसन डगआउट में बैठे हुए हैं और वे पास में बैठी एक लड़की को देखकर मुस्कुरा रहे हैं। यह फोटो जब वायरल हुआ तो लोगों ने ट्विटर और फेसबुक पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो जानना चाहते हैं कि ये लड़की कौन है और आरसीबी की टीम में इसका क्या काम है। अगर आप भी यहीं जानने के इच्छुक हैं तो चलिए आपको बताते हैं इस लड़की के बारे में।

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दरअसल जिस महिला को आरसीबी के डग आउट में देखा गया, वो आरसीबी टीम की मसाज थेरेपिस्ट हैं और उनका नाम नवनीता गौतम हैं। हर टीम को एक अच्छे मसाज थेरेपिस्ट की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खेल में बॉडी का फिट रहना बहुत आवश्यक है। नवनीता को आईपीएल-2020 में पहली बार आरसीबी की टीम ने बतौर मसाज थेरेपिस्ट अपनी टीम में शामिल किया था।

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एक महिला को मसाज थेरेपिस्ट के रूप में शामिल करने पर आरसीबी के इस कदम की काफी सराहना हुई थी क्योंकि आईपीएल की टीमों के स्टाफ में महिलाएं न के बराबर ही होती हैं और आजतक जेंडर इक्वैलिटी की बहुत बात होती है जिसमें महिलाओं को भी पुरूषों के बराबर अधिकार दिये जाने पर जोर दिया जाता है। नवनीता गौतम अपने काम में माहिर हैं उनको काफी अनुभव भी है।

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बता दें कि नवनीता गौतम कनाडा में रहती हैं और वे टोरंटो नेशनल ग्लोबल टी20 कनाडा लीग में काम कर चुकी है। वही दूसरी ओर भारतीय महिला बास्केटबाल टीम के साथ एशिया कप के दौरान साथ में थी। इसके बाद उन्हें आरसीबी में शामिल किया गया।

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नवनीता का जन्म 11 अप्रैल, 1992 को वैंकूवर, ब्रिटिश कोलम्बिया, कनाडा में हुआ था। उन्होंने वैंकूवर में अपनी प्राइमरी की पढ़ाई पूरी की उसके बाद उन्होंने सर चार्ल्स टपर सेकंडरी स्कूल में एडमिशन लिया और आगे की पढ़ाई की पूरी की। उन्होंने बैचलर ऑफ एथलेटिक एंड एक्सरसाइज थेरेपी का कोर्स उन्होंने कैमसन कॉलेज, कनाडा से किया। नवनीता ने पहले बतौर इंटर्न काम किया और बाद में वो खेलों की दुनिया में आ गई।


नवनीता गौतम से पहले आईपीएल के 13 साल के इतिहास में दो ही महिला थी, जिन्हें आईपीएल में शामिल किया गया था। 2009 का आईपीएल खिताब जीतने वाली आईपीएल की पुरानी टीम डेक्कन चार्जर्स ने अपनी टीम में दो महिला स्टाफ को शामिल किया था। डेक्कन चार्जर्स ने मसाज थेरेपिस्ट के रूम में एशले जॉइस और पत्रिकीअ जेंकिन्स को को शामिल किया था।


जिस समय की ये फोटो है उस समय आरसीबी के 4 विकेट गिर चुके थे और कुल 54 रन बने थे। उस समय कैमरा जैसे ही डगआउट की ओर गया, ये फोटो कैप्चर हो गई। लोगों के इस फोटो को देखकर खूब मजे लिए और कई मीम बनाए।

VIDEO: रिषभ पंत के हाथ से छूटा बैट, बाल-बाल बचे केन विलियमसन, वीडियो हो रहा वायरल

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कल रात दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए मैच में दिल्ली की टीम ने हैदराबाद को 8 विकेट से हराकर जीत दर्ज की। दिल्ली कैपिटल्स ने इस मैच को आसानी से जीत लिया। इस सीजन में अब तक खेले 9 मैचों में 7 में जीत के साथ 14 प्वाइंट्स के साथ इस बड़ी जीत के साथ दिल्ली अंकतालिका में एक बार फिर टॉप पर पहुंच गई है। रिषभ पंत की कप्तानी में इस सत्र दिल्ली ने शानदार प्रदर्शन किया है।

सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर सिर्फ 134 रन ही बना पाई। 135 रनों के टारगेट को दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने सिर्फ 2 विकेट खोकर 18 ओवर में ही हासिल कर लिया। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (Shikhar Dhawan) ने धमाकेदार पारी खेली और 42 रन बनाए। चोट से उबरकर मैदान पर लौटे दिल्ली कैपिटल्स के पूर्व कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने भी अपना शानदार प्रदर्शन किया। इस मैच में उन्होंने नाबाद 47 रनों की बेहतरीन पारी खेली।


इस मैच के दौरान रिषभ पंत ने एक ऐसा शॉट खेला, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दिल्ली के पारी के 15वां ओवर राशिद खान (Rashid Khan) गेंदबाजी कर रहे थे। ओवर की दूसरी बॉल पर रिषभ पंत ने जोरदार कट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले पर अच्छे से आई नहीं और बेट का गेंद से संपर्क नहीं हुआ। पंत के हाथ से बल्ला फिसल गया और उड़ते हुए कवर की दिशा में फील्डिंग कर रहे केन विलियम्सन की ओर जा गिरा। विलियम्सन ने बैट उठाकर पंत को वापस किया और इसी के साथ दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगे।

इस विडियो पर लोगों ने रिषभ पंत पर चुटकी लेते हुए कहा कि रिषभ पंत, नीरज चोपड़ा को कड़ा कंपटीशन दे रहे हैं। दिल्ली के कप्तान ऋषभ पन्त ने 21 गेंदों पर 35 रनों की नाबाद पारी खेली और टीम को जीत दिलाई। उनकी अच्छी पारी को लेकर भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने कहा है कि ऋषभ पन्त का खेलने का अंदाज़ वीरेंदर सहवाग से मिलता है।


श्रेयस अय्यर ने भी ऋषभ पन्त की कप्तानी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि रिषभ बेहतरीन तरीके से टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वो सीजन के शुरूआत से ही काफी अच्छी तरह से टीम को लीड कर रहे हैं। यही वजह है कि उन्हें पूरे सीजन तक कप्तान बनाए रखने का फैसला किया गया। मैं इस फैसले का पूरा सम्मान करता हूं। कप्तानी से मेरी बल्लेबाजी पर कोई असर नहीं पड़ा है। अब मैं पहले से ज्यादा फोकस कर रहा हूं। मैं हमेशा दबाव वाली परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं।

महेंद्र सिंह धोनी के अलावा ये 10 खिलाड़ी भी भारतीय सेना का हिस्सा बनकर कर रहे हैं देश की सेवा

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देश का हर युवा अपने देश की सेवा करना चाहता है। वैसे तो हर कोई अप्रत्यक्ष रूप से देश की सेवा करते हैं लेकिन कुछ ही लोग होते हैं जो देश के लिए अपनी जान दांव पर लगाते हैं और उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाता है। वैसे तो हर कोई भारतीय सेना की वर्दी पहनने का शौक रखता है लेकिन बहुत ही कम है जिन्हें यह सौभाग्य मिलता है। देश के कई ऐसी खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने खेल में देश का नाम रोशन करने के बाद सेना की वर्दी पहनी और सेना में पदभार ग्रहण किया। इसके अलावा कुछ खिलाड़ी पहले से ही सेना में थे और देश के लिए उन्होंने खेल में नाम रोशन किया। आइये आज 10 ऐसी हस्तियों के बारें में जानते हैं जिन्होंने खेल और सेना दोनों में देश का प्रतिनिधित्व किया।

1- महेंद्र सिंह धोनी

MS Dhoni

भारतीय क्रिकेट के कप्तान रह चुके महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को सभी आईसीसी टूर्नामेंट का खिताब जिताया है। उनका देश की आर्मी के लिए प्यार सभी ने देखा है। हालांकि धोनी अब अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले चुके हैं। उन्हें भारतीय सेना की तरफ से लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी गई है। आगरा में ट्रेनिंग सेंटर में पांच पैराशूट प्रशिक्षण कूद पूरी करने के बाद 2015 में पैराट्रूपर बन गए थे। 2019 वर्ल्ड कप के बाद धोनी ने कश्मीर जाकर सेना के साथ कैम्प में 15 दिन गुज़ारे थे।

2- सचिन तेंदुलकर

Sachin Tendulkar

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेदुलकर द्वारा क्रिकेट में बनाए गए रिकार्डों से सभी परिचित हैं। सन्न 2010 में उन्हें भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन की उपाधि मिली थी। सचिन तेदुलकर यह उपाधि पाने वाले पहले खिलाड़ी है। सेना में पद के अलावा सचिन राज्य सभा के मानद सांसद भी रह चुके हैं। सचिन वायुसेना के कार्यक्रमों में कई बार दिख चुके हैं।

3- कपिल देव

Kapil Dev

भारत को पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब जिताने वाले ऑलराउंडर कप्तान कपिल देव को 2008 में भारतीय प्रादेशिक आर्मी की तरफ से लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी गयी थी। यही उपाधि धोनी को भी मिली है। कपिल देव को यह उपाधि सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर ने रक्षा मंत्रालय में खुद दिया था।

4- मेजर ध्यानचंद

Major Dhyanchand

ओलम्पिक में भारत को हाकी में कई पदक दिलाने वाले ‘हाकी के जादूगर’ ध्यानचंद भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात थे। सेना में रहते हुए उन्होंने हाकी खेलनी शुरू की। वह 29 अगस्त 1956 में लेफ्टिनेंट के रूप से भारतीय सेना से सेवानिवृति हुए। उनकी जन्मतिथि को खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद ने सेना में रहते हुए अपने हाकी करियर को संवारा और देश को ओलम्पिक में 3 गोल्ड मेडल दिलाये।

5- मिल्खा सिंह

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मिल्खा सिंह आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उन का नाम भारत में दौड़ की पर्यायवाची है। उन्होंने आर्मी में जुड़ने के बाद एथलेटिक्स शुरू की थी। राष्ट्रमंडल खेलों में व्यक्तिगत एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले वह पहले भारतीय थे। उनका रिकॉर्ड कृष्णा पूनिया ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में डिस्क्रस थ्रो में स्वर्ण पदक जीतकर तोड़ा। मिल्खा सिंह ने 1956 मेलबर्न ओलम्पिक, 1960 रोम ओलम्पिक और टोक्यो 1964 में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

6- राम कुमार यादव

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राम कुमार यादव ओलम्पिक के मैराथन इवेंट में क्वालीफाई करने वाले दूसरे भारतीय एथलीट है। राम ने 2012 लन्दन ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन इसमें वह 76वें स्थान पर आये थे। वह 2012 मुंबई मैराथन में 2:16:59 के समय में दौड़ पूरा कर बी योग्यता मानद हासिल किया। राम भारतीय सेना में हवालदार हैं। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बनारस से हैं।

7- विजय कुमार

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2012 लन्दन ओलम्पिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले शूटर विजय कुमार के बारें में बहुत ही कम लोगों को पता होगा। विजय कुमार ने 25 मीटर रैपिड पिस्टल इवेंट में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। इसके अलावा वह 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में तीन स्वर्ण पदाक्त और एक सिल्वर मेडल जीत चुके है। विजय भारतीय सेना में डोगरा रेजिमेंट (16वीं बटालियन) में सूबेदार मेजर हैं। सन्न 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में विजय कुमार को भारतीय ध्वजवाहक के लिए चुना गया था।

8- जीतू राय

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नेपाल में जन्मे जीतू राय ने शूटिंग में भारत को कई मेडल जिताएं हैं। वह 10 मीटर एयर पिस्टल और 50 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में हिस्सा लेते हैं। जीतू राय 2006 में भारतीय सेना में शामिल हुए। वह सेना में नायब-सूबेदार के पद तक पहुंचे हैं। वह 2018 राष्ट्रमंडल के खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल में रिकार्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक हासिल कर चुके है।

9- राज्यवर्धन सिंह राठौर

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2004 के एथेंस ओलम्पिक में डबल ट्रैप में सिल्वर मेडल जीतने वाले राज्यवर्धन सिंह राठौर इस समय भाजपा पार्टी से मंत्रिमंडल में पदभार संभाल रहे हैं। राठौर राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। राठौर ने कर्नल के रूप में रिटायर होने से पहले भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में एक कमीशन अधिकारी के रूप में काम किया था। राज्यवर्धन सिंह राठौर खेल मंत्री भी रह चुके हैं।

10- अभिनव बिंद्रा

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2008 बीजिंग ओलम्पिक में भारत को व्यक्तिगत स्तर एकमात्र स्वर्ण पदक जिताने वाले अभिनव बिंद्रा सेना में भी काम कर चुके हैं। वह भारतीय प्रादेशिक सेना की तरफ से लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि पा चुके हैं। अभिनव बिंद्रा 10 मीटर एयर पिस्टल रायफल एकल में हिस्सा लेते रहे हैं। रियो ओलम्पिक में निराशाजनक प्रदर्शन के उन्होने सन्यास की घोषणा कर दी।

11- नीरज चोपड़ा

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नीरज चोपड़ा टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेल जगत के नए नायक बन गए हैं। भाला फेंकने के अलावा नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में सूबेदार के पद की भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हरियाणा के पानीपत के रहने वाले नीरज चोपड़ा को 2016 में नायब सूबेदार के रूप में नियुक्त किया गया था।

क्रिकेट इतिहास के 5 सबसे अनोखे रिकॉर्ड, जिन्हें शायद ही कोई खिलाड़ी तोड़ पाएगा

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क्रिकेट काफी लोकप्रिय खेल है और बहुत से देशों में खेला जाता है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती ही जा रही है। अब तो अमेरिका और कनाडा जैसे देश भी क्रिकेट में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और अपनी टीम तैयार करने में लगे हुए हैं। क्रिकेट में हर रोज नए रिकॉर्ड बनते हैं और पुराने रिकॉर्ड टुटते हैं। वहीं कुछ ऐसे रिकॉर्ड भी हैं जो आजतक नहीं टुटे हैं। आज हम आपको क्रिकेट इतिहास के 5 ऐसे ही अनोखे रिकार्ड्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

1. एक ओवर में सबसे ज्यादा गेंदें

Mohammad Shami

जैसा कि आप जानते हैं कि क्रिकेट रूल के हिसाब से गेंदबाज को एक ओवर में 6 गेंदे डालनी होती हैं। लेकिन ये सभी गेंदे अंपायर द्वारा वैध होनी चाहिए। वाइड और नो बॉल को वैध नहीं माना जाता और दुबारा डालनी पड़ती है। एशिया कप 2004 की बात है इस दौरान पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद सामी ने अपना एक ओवर पूरा करने में 17 गेंदें लगा दी थी। इसमें 6 लीगल गेंदों के साथ 4 नो बॉल्स और 7 वाइड बॉल्स थी।

2. सबसे ज्यादा गेंद खेलते हुए 0 पर आउट

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टेस्ट में हर बल्लेबाज काफी धीमी पारी खेलता है। वह सेट होने के लिए काफी समय लेता है और बहुत सी डॉट बॉल खेलता है। पूर्व भारतीय खिलाड़ी राहुल द्रविड़ भी कुछ ऐसा ही करते थे वे टेस्ट में गेंदबाजों के सामने दिवार बनकर खड़े हो जाते थे। लेकिन बिना कोई रन बनाए सबसे ज्यादा गेंद खेलकर आउट होने का रिकॉर्ड जॉफ एलॉट के नाम है। 1999 में साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज जॉफ एलॉट ने 77 गेंदें खेली थी। इस दौरान उन्होंने कोई रन नहीं बनाया और 0 पर आउट हो गए।

3. एक भी गेंद नहीं डालते हुए सबसे रन देना

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गेंदबाजों पर कई बार बल्लेबाजों का दबाव देखने को मिलता है। जब सामने तूफानी बल्लेबाज खड़ा हो तो अच्छे से अच्छा गेंदबाज भी अपनी लाइन लैंथ भूल जाता है। पाकिस्तान के एक स्पिन गेंदबाज ने एक रिकॉर्ड बनाया था, जिसे वो कभी याद रखना नहीं चाहेंगे। दरअसल, साल 2014 में बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेले गए एशिया कप मैच के दौरान पाकिस्तान के स्पिन गेंदबाज अब्दुर रहमान ने बिना कोई वैध गेंद फेंके ही 8 रन दे दिए। यह रिकॉर्ड बीमर (कमर से ऊपर के फुलटॉस गेंद को बीमर कहते हैं) से बना था।

अपने ओवर की पहली गेंद रहमान ने बीमर फेंकी। अंपायर ने नो बॉल का इशारा किया, दूसरी गेंद भी बीमर ही फेंकी जिसे फिर से अंपायर ने नो बॉल दिया। इस गेंद पर बल्लेबाज ने सिंगल ले लिया। अंपायर ने अब्दुर रहमान को चेतावनी दी। अब्दुर रहमान ने लगातार तीसरी गेंद भी बीमर ही फेंकी। इस गेंद पर बल्लेबाज ने चौका जड़ दिया। अंपायर ने इस गेंद को भी नो बॉल करार देते हुए रहमान के ओवर को डिसमिस कर दिया को पूरे मैच में गेंदबाजी करने से रोक दिया। और उन्होंने बिना गेंद डाले ही 8 रन्स दे दिए।

4. एक मैच में दोनों विकेटकीपर्स ने की गेंदबाजी

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2013 में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट मैच में दोनों टीमों के विकेटकीपर्स ने गेंदबाजी की थी। जी हां उस समय भारत के विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ही थे। आपने धोनी को सिर्फ बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग करते ही देखा होगा लेकिन धोनी ने भी कई मौकों पर गेंदबाजी में अपना हाथ आजमाया है। इस मैच में साउथ अफ्रीका की तरफ़ से एबी डीविलियर्स ने 1 ओवर डाला था जबकि एमएस धोनी ने अपनी टीम के लिए दो ओवर्स फेंके थे।

5. शून्य पर आउट हुए बिना सबसे ज्यादा पारियां

Rahul Dravid (राहुल द्रविड़)

कई बार खिलाड़ी बिना खाता खोले ही 0 पर आउट होकर पवेलियन लौट जाते हैं। राहुल द्रविड़ ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जो काफी परियों तक शून्य पर आउट नहीं हुए। पूर्व भारतीय खिलाड़ी राहुल द्रविड़ ने कई रिकॉर्ड बनाए हैं। द्रविड अपने करियर में 344 वनडे और 164 टेस्ट मैच खेले थे। इस दौरान इन्होंने कई शानदार प्रदर्शन किया है और जीत भी दिलाई। आप यह जान कर हैरान होंगे कि द्रविड़ ऐसे खिलाड़ी हैं जो 173 इनिंग खेलने के बाद भी शून्य पर आउट नहीं हुए थे।

ये हैं दुनिया के 4 सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले क्रिकेट कोच, जानिए कौन हैं टॉप पर

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किसी भी खेल में खिलाड़ियों के लिए एक अच्छे कोच का होना बहुत जरूरी है। बिना अच्छे कोच आगे बढ़ पाना कठिन होता है। कोच खिलाड़ियों को हर परिस्थिति से निपटने के लिए मार्गदर्शन करता है। टीम गेम में तो कोच की भूमिका और भी बढ़ जाती है। उसे पूरी टीम को साथ लेकर चलना होता है। क्रिकेट जैसे खेल में जहां रणनीति की इतनी ज्यादा आवश्यकता होती है वहां एक अच्छे कोच के बिना जीतना बहुत मुश्किल होता है। कोच खिलाड़ियों को मानसिक रूप से भी तैयार करता है क्योंकि आजकल खेल में शारीरिक के साथ साथ मानसिक रूप से भी मजबूत होना जरूरी है।

क्रिकेट की बात करें तो इस खेल में बहुत पैसा है इसलिए कोचों को भी यहां अच्छी सैलरी पैकेज मिलता है। आज हम आपको टॉप 4 सबसे अधिक सैलरी पाने वाले क्रिकेट कोच की लिस्ट दिखाएंगे। तो चलिए जानते हैं इस लिस्ट में कौन-कौन से कोच शामिल हैं।

4.मिकी आर्थर, श्रीलंका

Mickey Arthur

मिकी आर्थर इस समय श्रीलंका टीम के कोच हैं। दक्षिण अफ्रीका में जन्मे मिकी आर्थर इससे पहले पाकिस्तान के कोच थे। लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने 2019 विश्व कप के बाद अचानक से उन्हें कोच के पद से हटा दिया था। जिसके बाद वे एक मेंटर के रूप में श्रीलंकाई सेट-अप में शामिल हुए और बाद में उन्होंने मुख्य कोच का पदभार संभाल लिया। मिकी आर्थर एक अनुभवी कोच हैं हालांकि श्रीलंका की टीम उनकी कोचिंग में ज्यादा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं बावजूद इसके उन्हें 3.44 करोड़ रुपए की वार्षिक सैलरी मिलती है।

3.क्रिस सिल्वरवुड, इंग्लैंड

Chris Silverwood

इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं इंग्लैंड के कोच क्रिस सिल्वरवुड। वे 2019 में इंग्लैंड टीम के कोच बने थे। अब तक कोच के तौर पर उनका काम शानदार रहा है। उनकी कोचिंग में इंग्लैंड टीम ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। वनडे और टेस्ट दोनों फॉर्मेट में इंग्लैंड की टीम ने उनके अंडर अच्छा खेला है। उनके मार्गदर्शन में, इंग्लैंड क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबु टीमों के खिलाफ श्रृंखला में जीत मिली है। उनको इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से सालाना 4.65 करोड़ रुपए की राशि सैलरी के तौर पर मिलती है।

2.जस्टिन लैंगर, ऑस्ट्रेलिया

Justin Langer

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाड़ी जस्टिन लैंगर आस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कोच हैं। उनको क्रिकेट का काफी अनुभव है। उन्होंने 105 टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया है। उनके नाम किसी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी द्वारा प्रथम श्रेणी के स्तर पर बनाए गए सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड है। 2018 के बॉल टैंपरिंग कांड के बाद जस्टिन लैंगर ने डैरेन लेहमैन की जगह ली। इस कांड ने आस्ट्रेलिया टीम के आत्मविश्वास और मनोबल को तोड़ दिया था जिसके बाद लैंगर ने टीम को मोटिवेट किया और फिर से आस्ट्रेलिया की टीम को जगा दिया। उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से सालाना 4.67 करोड़ रुपए का वेतन मिलता है।

1.रवि शास्त्री, भारत

Ravi Shastri

अब बात करते हैं अपने देश की टीम के कोच की। जो कि हैं रवि शास्त्री। भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री सबसे अधिक वेतन पाने वाले कोच के रूप में टॉप पर हैं। शास्त्री 2014-2016 तक टीम के डायरेक्टर रहे। 2017 में उन्हें टीम का कोच बनाया गया। हालांकि, वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों मिली हार के बाद उनके कोच पद पर बने रहने पर सवाल भी उठे थे। सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई द्वारा नियुक्त किए गए कोच रवि शास्त्री को प्रति वर्ष 9.5 से 10 करोड़ रुपये मिलते हैं।